ओबरा (सोनभद्र)। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के निर्देशन में सोनभद्र पतंजलि के समस्त संगठनों द्वारा आयोजित 25 दिवसीय सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर के 13वें दिन प्रातः कालीन सत्र का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैरियर कान्वेंट स्कूल, ओबरा के प्रधानाचार्य दीनानाथ शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में योग शिक्षिका रंजना पांडेय उपस्थित रहीं। अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। शिविर में योग प्रशिक्षक जितेंद्र जी ने महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग और राज योग का गहन अभ्यास कराया। इस दौरान उपस्थित योग शिक्षकों और साधकों ने योगिक जॉगिंग, सूर्य नमस्कार, बैठक, दंड और विभिन्न आसनों का विधिवत अभ्यास किया। प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए योगिक क्रियाएं सिखाई गईं। मंडूकासन, कूर्मासन, शशकासन, गोमुखासन, वक्रासन और चक्की आसन का अभ्यास कराया गया।अनुलोम-विलोम प्राणायाम और ओम् ध्वनि का जप कराया गया। उज्जायी प्राणायाम का विशेष अभ्यास हुआ। कपालभाति और सूक्ष्म व्यायाम की बारीकियां सिखाई गईं। मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य दीनानाथ शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, श्रद्धेय स्वामी रामदेव जी महाराज को हम सब टीवी के माध्यम से देखते और सुनते हैं, लेकिन उन्हीं के सानिध्य में योग प्रशिक्षण प्राप्त कर हमारे ओबरा के वीरेंद्र योगी जी पूरे जिले में योग शिविर लगाकर लोगों को स्वस्थ और जागरूक करने का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। मेरे लिए तो इस क्षेत्र में वीरेंद्र योगी जी ही बाबा रामदेव जी महाराज के स्वरूप हैं। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी साधकों और योग शिक्षक भाई-बहनों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। विशिष्ट अतिथि और योग शिक्षिका रंजना पांडेय ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए योग की महिमा बताई। उन्होंने कहा, योग ने मुझे एक नया जीवन दिया है। वर्ष 2018 से पहले मैं अत्यंत बीमार रहती थी और मेरे सिर में दर्द व गांठ की समस्या थी। लेकिन वीरेंद्र भैया (वीरेंद्र योगी) के सानिध्य में आकर मैंने योग सीखा और आज मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। हम सभी को अपने जीवन में योग को अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षक वीरेंद्र योगी जी द्वारा आए हुए सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अतिथियों को सम्मान स्वरूप ज्ञानवर्धक पुस्तकें भेंट की गईं। इस अवसर पर घनश्याम सिंह, तहसील प्रभारी राजाराम सिंह, लालजी, इंजीनियर बबलू प्रजापति, देवेश सिंह और हौसला प्रसाद तिवारी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। शिविर में मुख्य रूप से योग शिक्षक कृष्णा, राजकुमार, अभिनेष, रवि कुमार, राजेश यादव, प्रवीण कुमार, केशव प्रसाद, रमेश सिंह, उमेश्वर आदि भाइयों ने प्रतिभाग किया। वहीं बहनों में गीता यादव, मंजू, किरन, राजकुमारी, रेखा और रेनू सहित भारी संख्या में साधक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन ओबरा प्रभारी नरेंद्र सिंह द्वारा किया गया।
25 दिवसीय सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर 13वें दिन योग साधकों ने सीखे अष्टांग योग के गुर
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