रेणुकूट (सोनभद्र)। औद्योगिक नगर रेणुकूट में बीती रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक व्यक्ति की रहस्यमय परिस्थितियों में चोट लगने से इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे की सबसे मर्मस्पर्शी और विचलित कर देने वाली बात यह है कि इस दुनिया से विदा हो चुके इस व्यक्ति का एक १० से १२ वर्ष का मासूम बेटा है, जिसके सिर से अब माता और पिता दोनों का साया उठ चुका है। मासूम के अनाथ होने की खबर से स्थानीय लोगों की आंखें नम हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात रेणुकूट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति रेलवे पटरी के किनारे अत्यंत गंभीर और लहूलुहान हालत में पाया गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, व्यक्ति के सिर पर और पेट के हिस्से में किसी भारी वस्तु या ट्रेन की चपेट में आने जैसे गहरे और जानलेवा घाव थे। वह दर्द से तड़प रहा था। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए तड़प रहे व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया और तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते मासूम बच्चे की जिंदगी में अंधेरा ला दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी (बच्चे की मां) का पहले ही देहांत हो चुका था। अब पिता की इस अवांछित और आकस्मिक मौत के बाद यह १० से १२ साल का बच्चा पूरी तरह अकेला और बेसहारा हो गया है। इस दुधमुंहे बच्चे के आगे अब भरण-पोषण और भविष्य का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र की सामाजिक संस्था टीम निशा के संरक्षक और समाजसेवी डब्लू सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने बच्चे की दयनीय स्थिति को देखते हुए समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और आम जनता से मदद की भावुक अपील की है। यह घटना अत्यंत दुखद है। इस बेसहारा बच्चे का इस दुनिया में अब कोई नहीं है। मैं क्षेत्र के सभी संवेदनशील लोगों से निवेदन करता हूँ कि इस असहाय बच्चे की मदद के लिए आगे आएं। हमारी टीम निशा इस बच्चे की पूरी जिम्मेदारी लेती है। इस मासूम को जीवन में जिस भी वस्तु, राशन, कपड़े या शिक्षा की जरूरत होगी, उसे हमारी टीम हर हाल में पूरा करेगी। हम इसे अकेला नहीं होने देंगे। इस मानवीय पहल की पूरे रेणुकूट और सोनभद्र क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। लोग पीड़ित बच्चे के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और टीम निशा की इस तत्परता को अनुकरणीय बता रहे हैं।
सोनभद्र/रेणुकूट अज्ञात हादसे में व्यक्ति की दर्दनाक मौत, १० वर्षीय मासूम हुआ अनाथ मदद को आगे आई टीम निशा, ना मां बची, ना पिता का सहारा १० साल का मासूम हुआ अनाथ
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