ग़ाज़ीपुर, ।राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल, वाराणसी के सहयोग तथा नया सवेरा फाउंडेशन, ग़ाज़ीपुर के सौजन्य से ग्राम पंचायत भवन, बंजारीपुर में निःशुल्क मोतियाबिंद जांच एवं ऑपरेशन शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी आंखों की जांच कराई तथा चयनित मरीजों को निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु वाराणसी स्थित अस्पताल भेजा गया।
शिविर में विशेषज्ञ टीम द्वारा आंखों की जांच की गई तथा मोतियाबिंद से प्रभावित मरीजों का चयन कर उन्हें उसी दिन बस एवं कार के माध्यम से निःशुल्क रूप से आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल, माधोपुर, वाराणसी ले जाया गया। अस्पताल में मरीजों के लिए उपचार, लेंस प्रत्यारोपण द्वारा ऑपरेशन तथा भोजन की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी आयोजनों का हिस्सा बनना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल, वाराणसी के क्षेत्रीय समन्वयक चंदन कुमार ने कहा कि उनका संस्थान पूरे देश में अंधत्व उन्मूलन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और जरूरतमंद लोगों तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सौहार्द एवं सामाजिक कार्यकर्ता शाहनवाज सिद्दीकी ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का सुंदर संदेश देते हैं तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।
तारा देवी अध्यक्ष नारी संघ, ने कहा कि गांव में इस प्रकार की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का पहुंचना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और सौभाग्य की बात है।
स्वास्थ्य जागरूकता सत्र को संबोधित करते हुए गुलशन कुमार ने आंखों की नियमित जांच, स्वच्छता एवं देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं रामाशीष यादव ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों के आयोजन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
क्लाइमेट वॉरियर लीडर हैदर अली ने कहा कि समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के ऐसे प्रयास आगे भी लगातार जारी रहने चाहिए।
नया सवेरा फाउंडेशन, ग़ाज़ीपुर के संस्थापक डॉ. नज़मुस्साक़िब अब्बासी नदवी ने कहा कि स्वास्थ्य ईश्वर की सबसे बड़ी नेमतों में से एक है। स्वस्थ आंखें व्यक्ति को दुनिया की खूबसूरती देखने और जीवन को बेहतर ढंग से जीने का अवसर प्रदान करती हैं, इसलिए आंखों की देखभाल के प्रति सजग रहना आवश्यक है।
फाउंडेशन के प्रबंधक तारिक नसीम अब्बासी ने कहा कि आंखें मानव शरीर का सबसे अनमोल अंग हैं। समय-समय पर नेत्र परीक्षण कराने और किसी भी समस्या के प्रति लापरवाही न बरतने से अंधत्व जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। शिविर ने न केवल जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार का अवसर प्रदान किया बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

