गाजीपुर। जयमाला के दौरान फोटो खिंचवाने को लेकर हुआ मामूली विवाद एक शादी को टूटने की कगार पर ले गया। मारपीट और तनाव के बाद दूल्हा पक्ष ने विवाह करने से इनकार कर दिया, लेकिन घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय की पहल से दोनों परिवारों के बीच सुलह हुई और अगले दिन विवाह की रस्में सकुशल संपन्न कराई गईं।
जानकारी के अनुसार, बीरपुर गांव निवासी महतो चौधरी की पुत्री आरती की शादी रामपुर निवासी लाला राम कश्यप के पुत्र गोविंद कश्यप से तय थी। जयमाला समारोह के दौरान मंच पर फोटो खिंचवाने को लेकर वर पक्ष और गांव के कुछ युवकों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों में हुई मारपीट में कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ को उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
घटना से आहत दूल्हा पक्ष ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया, जिससे लड़की पक्ष के सामने सामाजिक प्रतिष्ठा और शादी में हुए भारी खर्च को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया। मामला अगले दिन पूर्व सांसद अतुल राय के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी बातें सुनीं।
दूल्हे के पिता ने अपमान और मारपीट का हवाला देते हुए विवाह से इंकार किया, जबकि लड़की पक्ष ने बेटी के भविष्य और सामाजिक सम्मान का हवाला देकर समाधान की गुहार लगाई। इस पर पूर्व सांसद अतुल राय ने मध्यस्थता करते हुए कहा कि कुछ शरारती युवकों की हरकतों की सजा दोनों परिवारों को नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने पूरे गांव की ओर से दूल्हा पक्ष से माफी मांगी और दोषी युवकों से भी माफी मंगवाने का आश्वासन दिया। साथ ही घायलों के उपचार और खर्च की जिम्मेदारी लेने की बात भी कही।
पूर्व सांसद के प्रयासों के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी और टूटने की कगार पर पहुंचा रिश्ता फिर से जुड़ गया। अतुल राय स्वयं मंडप में पहुंचे और विवाह की रस्मों के दौरान मौजूद रहकर शादी को सकुशल संपन्न कराया।
क्षेत्र में इस अनोखी पहल की चर्चा जोरों पर है। लोग पूर्व सांसद की समझदारी और पहल की सराहना करते हुए इसे एक बेटी का घर बसाने की मिसाल बता रहे हैं।
जयमाला में बवाल से टूटी शादी की कगार पर पहुंचे रिश्ते को पूर्व सांसद अतुल राय ने बचाया, गांव की ओर से मांगी माफी, अगले दिन मंडप में बैठकर संपन्न कराई शादी
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