जमानियां (गाजीपुर), 25 जून 2026। तहसील क्षेत्र के असांव गांव में बुधवार की शाम भोजपुर (बिहार) के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस कार्रवाई में हुई मौत के विरोध में सर्वदलीय कैंडल मार्च निकाला गया। ग्रामीणों एवं विभिन्न संगठनों के लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर मामले की सुनवाई तीन माह के भीतर पूरी कराने तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को फांसी अथवा आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा दिए जाने की मांग उठाई।
ग्राम प्रधान श्रीप्रकाश तिवारी ‘पप्पू’ ने कहा कि मानवतावाद को बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन को न्यायपालिका के नियमों और संवैधानिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अवैधानिक तरीके से जुल्म नहीं होना चाहिए तथा प्रशासन को आम जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने “भरत भूषण तिवारी अमर रहें”, “हत्यारों को फांसी दो”, “हर जोर-जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है” जैसे नारे लगाते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। वक्ताओं ने भरत भूषण तिवारी को सामाजिक युवा क्रांति का दूत बताते हुए कहा कि युवाओं को उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज और क्षेत्र के विकास के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामगोपाल तिवारी ‘लड्डू’ ने की। इस अवसर पर त्रिलोकी नाथ जायसवाल, इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’, कुंज बिहारी राय, शशिकांत खरवार, संतोष तिवारी ‘बबलू’, शिवांश तिवारी ‘हर्ष’, हृदय नारायण यादव, वंश रोपन कुशवाहा, श्रवण कुमार कुशवाहा, झगड़ु कुशवाहा, बिट्टू तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नोट: यह समाचार प्रदर्शनकारियों और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं मांगों पर आधारित है। मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
असांव में सर्वदलीय कैंडल मार्च, भरत भूषण तिवारी प्रकरण में दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
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