गाजीपुर, 24 जून। लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड और उसमें हुई जनहानि को गंभीरता से लेते हुए गाजीपुर जिला प्रशासन ने जनपद में संचालित होटल, लॉज, गेस्ट हाउस एवं कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस एवं कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना रहा।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि लखनऊ की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। कोचिंग संस्थानों और होटलों में बड़ी संख्या में छात्र एवं अन्य लोग रहते हैं। यदि भवन निर्माण, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण एवं निकास मार्ग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं तो छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहानि की कीमत पर किसी प्रकार का विकास स्वीकार्य नहीं है और प्रशासन दुर्घटना के बाद नहीं, बल्कि उसकी रोकथाम के लिए कार्य करेगा।
बैठक में सभी होटल, लॉज, हॉस्टल एवं 100 से अधिक क्षमता वाले कोचिंग संस्थानों को अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) एवं अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भवनों में अग्निशमन यंत्र, वॉटर हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम तथा फायर अलार्म की व्यवस्था अनिवार्य करने को कहा गया।
डीएम ने विद्युत विभाग से सभी संबंधित संस्थानों का लोड ऑडिट कराने, ओवरलोडिंग एवं जर्जर वायरिंग को तत्काल दुरुस्त कराने तथा प्रत्येक मंजिल पर एमसीबी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भवन में कम से कम दो स्वतंत्र निकास मार्ग या सीढ़ियां होना आवश्यक है तथा निकास मार्ग पूरी तरह अवरोधमुक्त रखा जाए। रात्रि के समय भी स्पष्ट दिखाई देने वाले निकास संकेतक लगाने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं वार्डनों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी कोचिंग संस्थान बेसमेंट में संचालित नहीं होगा तथा निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों को किसी कक्षा में नहीं बैठाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सभी संस्थानों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे संचालित रखने, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने तथा प्रत्येक कक्षा में आपातकालीन निकास मार्ग का नक्शा प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि किसी दुर्घटना की स्थिति में लापरवाही पाए जाने पर भवन स्वामी, संस्थान संचालक एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी, क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी तथा जनपद के विभिन्न कोचिंग संस्थानों एवं होटल संचालक उपस्थित रहे।

