ओबरा (सोनभद्र)। मोहर्रम की दसवीं तारीख (यौम-ए-आशूरा) पर ओबरा नगर में पारंपरिक श्रद्धा, अकीदत और आपसी भाईचारे का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में नगर के विभिन्न अखाड़ों और ताजिया खानों से ताजियों का जुलूस निकाला गया। पूरे आयोजन के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब की झलक साफ दिखाई दी, जहाँ सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर इस आयोजन को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। ओबरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुल 8 प्रमुख स्थानों चूड़ी गली, मिल्लत नगर, चोपन रोड, कुरेश नगर, मलिन बस्ती और अहमद नगर सहित सभी ताजिया खानों से भव्य ताजिया उठाई गईं। अपने-अपने नियत रास्तों से भ्रमण करते हुए सभी ताजिया सबसे पहले हनुमान मंदिर चौराहे पर पहुँचीं। यहाँ से सभी ताजिया एक साथ आगे बढ़ते हुए जामा मस्जिद चौक पर इकट्ठा हुईं। जामा मस्जिद पर मोहर्रम से जुड़ी जरूरी रस्मों और अकीदत के बाद, सभी ताजिया एक साथ सामूहिक रूप से कर्बला (विसर्जन स्थल) के लिए रवाना हो गईं।
जुलूस के दौरान अखाड़े के युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। युवाओं और कलाकारों ने लाठी-डंडों से अपनी कलाबाजी और पारंपरिक युद्ध कला का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक और पारंपरिक दृश्य को देखने के लिए नगर के सभी वर्गों के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ सड़कों के किनारे और घरों की छतों पर उमड़ पड़ी। धार्मिक सौहार्द को मजबूत करते हुए स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने जुलूस के मार्ग में जगह-जगह स्टॉल लगाए थे। इन स्टॉलों पर जुलूस में शामिल अकीदतमंदों और आम जनता के लिए ठंडे शरबत, पानी और बिरयानी का इंतजाम किया गया था, जो नगर की आपसी एकता को बयां कर रहा था। इतने बड़े और संवेदनशील आयोजन को देखते हुए सोनभद्र पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात (ट्रैफिक) को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन द्वारा पहले से ही रूट डायवर्जन किया गया था, जिससे आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद क्षेत्राधिकारी (CO) प्रभात राय, थाना प्रभारी सदानंद राय, क्राइम इंस्पेक्टर शमशेर यादव और चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने संभाल रखी थी। पुलिस बल की टीमें लगातार सभी ताजिया स्थलों, हनुमान मंदिर चौराहे, जामा मस्जिद और मुख्य रास्तों पर मार्च करती रहीं ताकि उपद्रवी तत्वों पर नजर रखी जा सके। आयोजन को गरिमापूर्ण और सुरक्षित बनाने में अन्य विभागों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जुलूस के पूरे मुख्य मार्ग पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया था और सड़कों के किनारे चूने का छिड़काव कर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने सतर्कता बरतते हुए जुलूस के गुजरने के दौरान बिजली आपूर्ति (पावर कट) को बंद रखा। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि ऊंचे ताजियों के बिजली के तारों से टकराने के कारण कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना न हो।जामा मस्जिद पर सभी आवश्यक धार्मिक रीतियों को शांतिपूर्वक पूरा करने के बाद, सभी ताजिया बिना किसी व्यवधान के कर्बला के लिए रवाना हो गईं, जिसके साथ ही मोहर्रम का यह पर्व शांति और व्यवस्था के साथ संपन्न हुआ।
ओबरा में पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया मोहर्रम, भाईचारे की मिसाल के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ जुलूस
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