रतनपुरा (मऊ)। मऊ शहर स्थित लक्ष्मी देवी मेमोरियल हड्डी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार गुप्ता और उनके पुत्र डॉ. सलिल कुमार गुप्ता की अनुभवी टीम मरीजों को आधुनिक एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध करा रही है। पिता-पुत्र के समन्वित अनुभव और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ हड्डी रोगों के जटिल मामलों में भी मरीजों को मिल रहा है।
डॉ. पवन कुमार गुप्ता पिछले लगभग 35 वर्षों से मऊ में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1991 में फातिमा चिकित्सालय से अपनी चिकित्सा यात्रा शुरू की। करीब एक दशक तक वहां सेवाएं देने के बाद उन्होंने फातिमा चिकित्सालय के सामने लक्ष्मी देवी मेमोरियल हड्डी अस्पताल की स्थापना की, जहां आज भी वे मरीजों का उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कानपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस तथा एमएस (ऑर्थोपेडिक्स) की शिक्षा प्राप्त की है।
उनके पुत्र डॉ. सलिल कुमार गुप्ता भी ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं। दोनों चिकित्सक एक साथ बैठकर मरीजों की जांच करते हैं तथा जटिल मामलों में आपसी विचार-विमर्श कर उपचार की सर्वोत्तम योजना तैयार करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी राय ली जाती है, जिससे मरीजों को बेहतर निदान और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
डॉ. पवन कुमार गुप्ता मूल रूप से बलिया जनपद के बेल्थरा रोड तहसील अंतर्गत सरयां डिहू भगत ग्राम पंचायत के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद गुप्ता असम के प्रतिष्ठित व्यवसायी थे। उनके प्रोत्साहन से डॉ. गुप्ता ने प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर कानपुर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया और हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी पहचान बनाई।
डॉ. पवन कुमार गुप्ता और डॉ. सलिल कुमार गुप्ता मरीजों के साथ आत्मीय व्यवहार और मानवीय संवेदनाओं के साथ उपचार करने के लिए भी जाने जाते हैं। यही कारण है कि मऊ के साथ-साथ आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में मरीज उनके अस्पताल पहुंचते हैं।
डॉ. पवन कुमार गुप्ता अपने कर्मचारियों के प्रति भी संवेदनशील माने जाते हैं। प्रत्येक रविवार को वे अपने सहयोगियों के आग्रह पर पहसा में भी मरीजों को चिकित्सा सेवाएं देते हैं, जहां आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में लगभग 25 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिला हुआ है।
लक्ष्मी देवी मेमोरियल हड्डी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है। आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन एवं उपचार किया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सैकड़ों मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।
अस्पताल को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई दिल्ली से एनएबीएच (NABH) प्रमाणन भी प्राप्त है, जो इसकी चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मानकों का प्रमाण माना जाता है।
अस्पताल परिसर में डॉ. सलिल कुमार गुप्ता की पत्नी एवं डेंटल सर्जन डॉ. आयुषी गुप्ता का भी क्लीनिक संचालित है, जहां दांतों के रोगों का उपचार किया जाता है। इस प्रकार एक ही परिसर में हड्डी एवं दंत रोगों की विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मरीजों को उपलब्ध हो रही है।
पिता-पुत्र की अनुभवी टीम से हड्डी रोगों का बेहतर उपचार, मरीजों का बढ़ा भरोसा
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