सोनभद्र (20 जुलाई 2026)। जनपद सोनभद्र में शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति, कर-करेत्तर की प्रगति तथा जन-समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की सुस्त रफ्तार और विकास योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। समीक्षा के दौरान जब स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक संबल देने वाली केंद्र सरकार की पी०एम० स्वनिधि योजना की समीक्षा की गई, तो लक्ष्य के अनुरूप आवेदन न कराने और ऋण वितरण में देरी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। योजना में ढिलाई बरतने और गरीब वेंडरों को समय से लाभ न पहुंचाने के कारण जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से जिले के नगर पालिका परिषद एवं समस्त नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए। उन्होंने साफ किया कि जब तक लक्ष्य के अनुसार आवेदन और ऋण वितरण प्रक्रिया में प्रगति नहीं आती, तब तक वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। कर-करेत्तर की मदवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने राजस्व अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुए काम करने की हिदायत दी शासन द्वारा निर्धारित मासिक लक्ष्य के अनुसार प्रत्येक विभाग अपनी शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करे। आरसी का नियमित मिलान किया जाए और बड़े बकायेदारों के खिलाफ तहसील स्तर पर कड़े विधिक कदम उठाए जाएं। सरकारी जमीनों (तालाब, चरागाह, ग्राम सभा भूमि) को अतिक्रमण से मुक्त और सुरक्षित करने के लिए अभियान चलाया जाए। उप जिलाधिकारी और तहसीलदार राजस्व मुकदमों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करें। जमीनी विवादों के मामलों में केवल कागजी कार्रवाई न कर अधिकारी स्वयं मौके पर जाएं ताकि किसी भी निर्दोष या गरीब के साथ अन्याय न हो। बैठक के दौरान आम जनमानस के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्रियों (दूध, मावा, तेल, मसाले आदि) की निरंतर जांच और सेंपलिंग कराई जाए।मिलावटखोरी रोकने के लिए बाजारों में नियमित रूप से छापेमारी की कार्रवाई में तेजी लाई जाए और शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं फॉर्मूलों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान वागीश कुमार शुक्ला (अपर जिलाधिकारी – वित्त एवं राजस्व) रवि पासवान (उप जिलाधिकारी, दुद्धी) आकांक्षा गौतम (उप जिलाधिकारी, मुख्यालय) आशीष त्रिपाठी (उप जिलाधिकारी, सदर) सुधांशु शेखर शर्मा (जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी) ध्रुव गुप्ता (जिला पूर्ति अधिकारी) अमित कुमार सिंह (तहसीलदार, सदर) रामलाल यादव (प्रशासनिक अधिकारी) सहित अन्य विभागीय एवं तहसील स्तरीय अधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने की कर-करेत्तर की समीक्षा बैठक, लापरवाही पर EO के वेतन भुगतान पर लगाई रोक
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