सोनभद्र (20 जुलाई 2026)। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे प्रख्यात शिक्षाविद व समाजसेवी श्री सोनम वांगचुक जी और युवाओं के साथ हुई कथित पुलिस बर्बरता तथा NEET पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार को सोनभद्र में राजनीतिक व सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। आम आदमी पार्टी (AAP), कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM व CPI-ML), आजाद समाज पार्टी (ASP) तथा अपनी जनता पार्टी सहित कई संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित बढ़ौली चौक से शुरू हुआ यह प्रदर्शन उप जिलाधिकारी (SDM) सदर कार्यालय पहुंचा, जहां महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम सदर के माध्यम से सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। नेताओं ने कहा कि सोनम वांगचुक जी पिछले 21-22 दिनों से NEET पेपर लीक से प्रभावित लाखों छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अनशनरत थे। आरोप लगाया गया कि 18 जुलाई की रात पुलिस ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे निर्दोष युवाओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया और अनशन के कारण कमजोर हो चुके वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन करार दिया। AAP जिलाध्यक्ष रमेश गौतम ने कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च की घोषणा से घबराकर सरकार ने जानबूझकर इस लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया। इस दौरान युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकांत ने कहा सवाल सिर्फ एक व्यक्ति सोनम वांगचुक जी के समर्थन का नहीं है, बल्कि उस लोकतंत्र का है जहाँ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक हक भी अब सुरक्षित नहीं रह गया है।अपनी जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष सुशीला वर्मा ने कहा कि 22 दिनों से भूखे रहकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक जी का हौसला तमाम प्रशासनिक दबावों के बाद भी नहीं टूटा। मीडिया के रवैये की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के संघर्ष को दबाया नहीं जा सकता। सीपीएम जिला सचिव नंदलाल आर्य और सीपीआई माले के जिला सचिव कलीम ने कहा कि बेरोजगारी और पेपर लीक से देश का युवा त्रस्त है। कलीम ने सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है…पंक्तियों के माध्यम से आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया।
AAP नगर अध्यक्ष (रॉबर्ट्सगंज) धीरेंद्र पटेल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पेपर लीक की वजह से दर्जनों युवाओं की मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के बाद भी सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। NEET पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए। सोनम वांगचुक जी, अभिजीत दीपके और प्रदर्शनकारी युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व जबरन पुलिसिया कार्रवाई की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून बने और देश के युवाओं के लिए पक्के रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। जंतर-मंतर जैसे सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों के शांतिपूर्ण और अहिंसक प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को बहाल व सुरक्षित किया जाए। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से संगठन प्रभारी ज्योति जंग सिंह, आप के पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज पांडे, आप वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष केवल सिंह कुशवाहा, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत तिवारी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिला कार्यकारिणी से देव कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष रिजवान खान, यूथ प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश चौरसिया, यूथ प्रदेश सचिव राकेश भारती सहित AAP, CPIM, CPI-ML और आजाद समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
सोनम वांगचुक के समर्थन में सोनभद्र में सड़क पर उतरे विभिन्न दल राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
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