सोनभद्र। जो जनता के सुख-दुख में हमेशा समर्पित रहे, वही असली नेता है। इस कहावत को सोनभद्र के लोकप्रिय जन-प्रतिनिधि और रोबर्ट्सगंज (सोनभद्र) संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार ने एक बार फिर पूरी तरह चरितार्थ कर दिखाया है।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम में सांसद छोटेलाल खरवार ने अपने गुरुदेव को नमन करते हुए एक अत्यंत सुरीला व लोकप्रिय गीत गाया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया। सोनभद्र की राजनीति में अपनी सादगी, सहजता और आम जनता से सीधे जुड़ाव के लिए पहचाने जाने वाले सपा सांसद का यह भावुक और संगीतमय अंदाज अब सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय जनमानस में कौतूहल और व्यापक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद छोटेलाल खरवार ने सबसे पहले पूर्ण निष्ठा और भक्ति भाव से अपने गुरुदेव के चरणों में शीश नवाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और उनकी स्मृतियों को नमन किया। इसके बाद जब उन्होंने मंच संभाला, तो पूरा माहौल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। उन्होंने भक्ति और लोक-संस्कृति से ओत-प्रोत लोकप्रिय गुरु वंदना के साथ-साथ पूर्वांचल की पारंपरिक लोकगायन शैली बिरहा प्रस्तुत की। उनकी सुरीली आवाज, आत्मीय भाषा और भावुक कर देने वाले अंदाज ने वहां मौजूद सभी श्रोताओं, स्थानीय नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांसद जी के गीत की लय पर कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और लोग झूमने पर मजबूर हो गए। छोटेलाल खरवार केवल एक राजनीतिक चेहरा या सांसद मात्र नहीं हैं, बल्कि वे सोनभद्र की माटी और यहाँ की समृद्ध लोक-संस्कृति से गहरे जुड़े हुए विशुद्ध जननेता हैं। अपनी असाधारण सादगी, हर किसी के लिए हमेशा सुलभ रहने की शैली और जमीनी जुड़ाव के कारण ही वे पूरे जनपद में सबके दिलों में बसने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य नागरिकों और समर्थकों ने भावुक होकर कहा एक सच्चा और जनप्रिय नेता वही होता है जो अपनी जड़ों, अपनी लोक-संस्कृति और अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता को कभी न भूले। सपा सांसद छोटेलाल खरवार जी ने जिस प्रकार गुरु पूर्णिमा पर अपने श्रद्धा-सुमन और संगीतमय भाव व्यक्त किए हैं, वह उनकी सादगी, विनम्रता और उच्च विचारों का प्रत्यक्ष प्रमाण है। अपने ओजस्वी संबोधन और संगीतमय प्रस्तुति के उपरांत सांसद छोटेलाल खरवार ने गुरु पूर्णिमा के महान आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में गुरु का स्थान ईश्वर से भी सर्वोपरि माना गया है। व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने और जीवन में सही मार्गदर्शन देने में गुरु की भूमिका अतुलनीय होती है। सांसद खरवार ने अत्यंत विनम्रता से कहा कि आज मैं सार्वजनिक जीवन में जिस भी मुकाम पर हूँ, वह मेरे पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद, माता-पिता के संस्कारों और सोनभद्र की महान जनता के निस्वार्थ प्रेम व विश्वास की ही बदौलत है। सपा सांसद द्वारा प्रस्तुत बिरहा और लोकगीतों ने न केवल गुरु-भक्ति का अमर संदेश दिया, बल्कि सोनभद्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को भी एक नया जीवन दिया। इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कहते हैं ना गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।
सोनभद्र सांसद छोटेलाल खरवार की यह संगीतमय और भावुक गुरु वंदना आज पूरे जनपद में सराहना और जन-चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।
गुरु पूर्णिमा पर भावुक हुए सपा सांसद छोटेलाल खरवार गुरु वंदना में गाया मनमोहक गीत, बिरहा और लोकगीत से बांधा समां
Previous Articleसमाज सेवा और सादगी की अप्रतिम प्रतिमूर्ति स्व. संतोष जी
Related Posts
Add A Comment

