हापुड़ (मनीष कुमार) कांवड़ यात्रा के दौरान जहां पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से लाखों शिवभक्त सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे, वहीं सबली मार्ग पर हुए एक सड़क हादसे में मानवता और चिकित्सकीय तत्परता की मिसाल देखने को मिली। आरोग्य अस्पताल के सामने बाइक की टक्कर से घायल होकर सड़क पर पड़े दो बच्चों को अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पराग शर्मा ने बिना समय गंवाए तत्काल उपचार उपलब्ध कराया। गंभीर हालत में बच्चों को अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, जिससे उनकी हालत संभल सकी।
घटना उस समय हुई, जब कांवड़ यात्रा के दौरान दो श्रद्धालु बच्चे सबली मार्ग से गुजर रहे थे। आरोग्य अस्पताल के सामने अचानक एक मोटरसाइकिल ने दोनों बच्चों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बच्चे सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए आगे आए।
इसी दौरान आरोग्य अस्पताल के पास कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए गए शिविर में मौजूद डॉ. पराग शर्मा की नजर घायल बच्चों पर पड़ी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चों को देखा और अपने स्टाफ को स्ट्रेचर लाने के निर्देश दिए। दोनों घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉ. पराग शर्मा ने स्वयं उनकी चिकित्सा शुरू कराई।
हादसे में बच्चों को लगी चोटों को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार शुरू होने से बच्चों की स्थिति को संभालने में मदद मिली। मौके पर मौजूद लोगों ने भी डॉ. पराग शर्मा की तत्परता की सराहना की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक की टक्कर काफी तेज थी और हादसे के बाद दोनों बच्चे सड़क पर घायल अवस्था में पड़े थे। ऐसे समय में अस्पताल पास होना और मौके पर डॉ. पराग शर्मा का मौजूद रहना बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। लोगों ने कहा कि यदि उपचार मिलने में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
डॉ. पराग शर्मा ने इस पूरी घटना में इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए दोनों घायल बच्चों का उपचार निश्शुल्क किया। कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए गए शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं की मदद के साथ-साथ हादसे में घायल बच्चों को भी उन्होंने तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
डॉ. पराग शर्मा पिछले करीब 11 वर्षों से कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा के लिए कांवड़ शिविर लगाते आ रहे हैं। इस बार भी आरोग्य अस्पताल के पास शिविर लगाकर वह कांवड़ियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे थे। इसी सेवा भावना के बीच हादसे में घायल बच्चों के लिए उनकी तत्परता जीवनरक्षक साबित हुई।
स्थानीय लोगों ने कहा कि डॉक्टर पराग शर्मा ने चिकित्सक होने के साथ-साथ मानवता का परिचय दिया। कांवड़ यात्रा के दौरान जहां वह लगातार शिवभक्तों की सेवा में जुटे रहे, वहीं सड़क हादसे में घायल बच्चों को भी अपना मरीज मानकर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया और उनसे उपचार के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया

