साथी की बहाली तक अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान, आठ ब्लॉकों के अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन में शामिल
मोहनलालगंज, लखनऊ ग्राम पंचायत अधिकारी कठवारा दिनेश पांडेय के निलंबन के विरोध में ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने मंगलवार को विकास भवन में मोर्चा खोल दिया। राजधानी के आठ विकासखंडों से पहुंचे सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी विकास भवन परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठ गए। दोनों संगठनों ने स्पष्ट ऐलान किया कि जब तक निलंबित साथी की बहाली नहीं की जाती, तब तक अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।आंदोलन का नेतृत्व ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ललित गौतम एवं ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष नागेन्द्र प्रताप कुशवाहा ने किया। कार्य बहिष्कार में बीकेटी, मलिहाबाद, माल, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, चिनहट और काकोरी विकासखंड के ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी शामिल हुए।संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि विकासखंड बीकेटी की कठवारा ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश पांडेय को जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा गलत तरीके से निलंबित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि निलंबन की कार्रवाई को लेकर संगठन की ओर से पूर्व में अधिकारियों को पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप करने और दिनेश पांडेय की बहाली की मांग की गई थी।संघ के मुताबिक, अधिकारियों ने प्रशासन को 14 सितंबर तक बहाली की समय सीमा दी थी। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब निलंबन वापस नहीं लिया गया तो संगठन ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार, से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।कार्य बहिष्कार के दौरान बीकेटी, मलिहाबाद, माल, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, चिनहट और काकोरी ब्लॉकों के अधिकारी विकास भवन पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि अपने साथी के साथ हुई कथित अन्यायपूर्ण कार्रवाई के विरोध में है। उन्होंने कहा कि संगठन अपने साथी के निलंबन को लेकर लगातार अधिकारियों से वार्ता और समाधान की मांग करता रहा, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा।संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दिनेश पांडेय का निलंबन वापस लेकर उन्हें बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल कार्य बहिष्कार पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

