हापुड़ (मनीष कुमार) शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है, लेकिन नगर पालिका की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर अब सवाल उठने लगे हैं। गोल मार्केट में बुलडोजर चलाकर हटाई गईं अवैध दुकानें कुछ ही समय बाद फिर से उसी स्थान पर सज गईं, जिससे पालिका की कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह गई।
कुछ दिन पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका की टीम ने राजस्व निरीक्षक सुनील सिंह के नेतृत्व में गोल मार्केट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। बुलडोजर की मदद से सड़क किनारे लगी अवैध दुकानों को हटाया गया और दोबारा अतिक्रमण करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
हालांकि, अभियान के बाद हालात फिर पहले जैसे हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया था, वहां दोबारा दुकानें लग गई हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि यदि कार्रवाई के बाद भी अतिक्रमण नहीं रुकता तो अभियान पर खर्च होने वाले सरकारी संसाधनों का क्या औचित्य है।
मामले में जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वे कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। इसके बाद राजस्व निरीक्षक सुनील सिंह से इस संबंध में सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि कार्रवाई के बावजूद दोबारा अतिक्रमण कैसे हो गया और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
इस दौरान राजस्व निरीक्षक सुनील सिंह ने किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें बैठक में जाना है और फिलहाल वह इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। कार्रवाई के बाद दोबारा हुए अतिक्रमण को लेकर उन्होंने कोई आधिकारिक जानकारी भी साझा नहीं की।
गोल मार्केट नगर पालिका कार्यालय से बेहद कम दूरी पर स्थित है और यहां से पालिका अधिकारियों का नियमित आवागमन रहता है। इसके बावजूद दोबारा हुए अतिक्रमण पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई न होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि यदि अतिक्रमण हटाने के अभियान को सफल बनाना है तो केवल बुलडोजर चलाने तक सीमित रहने के बजाय दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ भी सख्त और स्थायी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

