गाजीपुर। उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन, किसान सभा और सीटू (CITU) के संयुक्त बैनर तले सोमवार को किसान-मजदूर संगठनों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और किसान-मजदूरों की समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए मांगों के समर्थन में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के नेताओं ने कहा कि मजदूरों को न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन तथा 8 घंटे का कार्यदिवस सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ओवरटाइम का दोगुना भुगतान लागू करने की भी मांग उठाई गई। किसानों के लिए सभी फसलों पर लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कानूनी गारंटी के साथ देने, पूर्ण कर्जमाफी और कृषि क्षेत्र में सब्सिडी बढ़ाने की मांग प्रमुख रही।
संगठनों ने चारों नए श्रम कानूनों को वापस लेने, बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा मनरेगा में सालाना 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने, भूमिहीन गरीबों को जमीन उपलब्ध कराने तथा जल, जंगल और जमीन को कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने पर रोक लगाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने महिला स्वयं सहायता समूहों के नाम पर निजी वित्तीय कंपनियों द्वारा कथित शोषण पर रोक लगाने और गरीब परिवारों के कर्ज माफ करने की मांग भी की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज करते हुए व्यापक स्तर पर ‘जेल भरो आंदोलन’ चलाया जाएगा।
इस मौके पर राम अवध मास्टर, वीरेंद्र गौतम, पिंटू यादव, विनोद यादव, शीला देवी, राजेंद्र सिंह, वीरेंद्र राव, मनसा, सुशीला, निशा, सुरेंद्र कुमार, मारकंडेय कुमार, गुड्डू सहित बड़ी संख्या में किसान और मजदूर उपस्थित रहे।

