चोपन/सोनभद्र (21 जुलाई 2026) | जिला ब्यूरो चीफ कामेश्वर विश्वकर्मा। छत्तीसगढ़ से चार धाम चतुर्लिंग एवं 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन हेतु पैदल यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं का मंगलवार को सोनभद्र जनपद के चोपन नगर पहुंचने पर आत्मीय एवं श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष एवं धर्माचार्य शिवकुमार पहाड़ी बाबा ने भारतीय सनातन संस्कृति की अतिथि देवो भव और धर्मपरायण परंपराओं को जीवंत करते हुए पदयात्रियों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
पदयात्रा करते हुए चोपन पहुंचे श्रद्धालुओं को शिवकुमार पहाड़ी बाबा ने अपने प्रतिष्ठान पर सादर आमंत्रित कर सम्मानपूर्वक बैठाया तथा उनके लिए चाय-नाश्ते और विश्राम की उत्तम व्यवस्था कराई। इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं की आगे की दुर्गम यात्रा को सुगम व सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से मार्ग व्यय के रूप में स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने चोपन नगर में मिले इस अभूतपूर्व सत्कार और अपनत्व के लिए गहरा आभार व्यक्त करते हुए इसे सनातन संस्कृति के उच्च आदर्शों का जीवंत प्रतीक बताया। सत्कार कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए शिवकुमार पहाड़ी बाबा ने कहा तीर्थयात्री केवल अपने व्यक्तिगत आध्यात्मिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए नहीं चलते, बल्कि वे संपूर्ण भारत की सनातन परंपराओं, धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत के संवाहक होते हैं। ऐसे कठिन धर्ममार्ग पर चलने वाले श्रद्धालुओं की सेवा और सम्मान करना प्रत्येक सनातन प्रेमी का नैतिक एवं धार्मिक कर्तव्य है।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति में अतिथि, साधु-संतों और पदयात्रियों की सेवा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, जिसे हम सभी को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करना चाहिए। शिवकुमार पहाड़ी बाबा ने भगवान देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना करते हुए कहा कि चार धाम चतुर्लिंग एवं 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन की यह पावन एवं कठिन पदयात्रा पूर्णत सफल, सुरक्षित और मंगलमय हो तथा समस्त श्रद्धालुओं पर भगवान शिव की असीम कृपा बनी रहे। उन्होंने आम जनमानस और देशवासियों से भी आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों से गुजरने वाले ऐसे धार्मिक यात्रियों के प्रति सम्मान, सुरक्षा और सहयोग की भावना बनाए रखें। चोपन नगर में तीर्थयात्रियों के स्वागत का यह प्रेरणादायी दृश्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता का एक अनुकरणीय संदेश भी दे गया।
चोपन में सनातन सेवा का अनुपम उदाहरण 12 ज्योतिर्लिंग एवं चार धाम चतुर्लिंग पदयात्रियों का हुआ आत्मीय स्वागत
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