ओबरा/सोनभद्र। ओबरा परियोजना में कार्यरत संविदा कार कंपनी वीनस इंजीनियरिंग के खिलाफ श्रमिकों का आक्रोश अब पूरी तरह भड़क उठा है। पिछले दो महीनों से मजदूरी न मिलने और बोनस के गायब होने से नाराज दर्जनों श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार, 12 जून 2026 को बड़ी संख्या में पीड़ित श्रमिक अपनी समस्याओं को लेकर भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के मंत्री उमेश पटेल के आवास पर पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाते हुए एक प्रार्थना पत्र सौंपा। श्रमिकों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए संगठन ने वीनस इंजीनियरिंग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।श्रमिकों ने कंपनी पर आरोप लगाया कि दो महीने से मेहनत की कमाई (मजदूरी) का भुगतान नहीं किया गया है। इसके साथ ही नियमानुसार मिलने वाला बोनस भी दबा लिया गया है। इस हठधर्मिता के कारण श्रमिकों के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। मामले की गंभीरता और श्रमिकों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए भारतीय संविदा श्रमिक संगठन के अध्यक्ष मणि शंकर पाठक ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को लेकर एक शिकायती पत्र तैयार कर निम्नलिखित उच्चाधिकारियों को भेजा है।माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (योगी आदित्यनाथ) जिलाधिकारी (DM), सोनभद्र
लेबर कमिश्नर (श्रम आयुक्त) मुख्य महाप्रबंधक (CGM), ओबरा परियोजना संगठन ने इन सभी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर श्रमिकों को उनका हक दिलाने की मांग की है। भारतीय संविदा श्रमिक संगठन ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि वीनस इंजीनियरिंग द्वारा श्रमिकों के वेतन और बोनस की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा और एक बड़ा व उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। हम लगातार श्रमिक हितों की आवाज़ उठाते रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा इन गरीब मजदूरों की बुनियादी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। श्रमिकों के हक पर डाका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री उमेश पटेल के आवास पर आयोजित इस आपात बैठक और शिकायत प्रदर्शन के दौरान संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और पीड़ित श्रमिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। संगठन पदाधिकारी उपाध्यक्ष रणजीत तिवारी, कृष्ण कुमार पाठक, नॉलेश वर्मा। पीड़ित श्रमिक वर्ग छोटू कुमार, चंद्रभान, सुरेंद्र कुमार, कन्हैया लाल, इंद्र कुमार यादव, राजेश कुमार समेत दर्जनों श्रमिक। ओबरा परियोजना की इस नामचीन संविदा कंपनी की इस मनमानी से पूरे क्षेत्र के औद्योगिक माहौल में तनाव व्याप्त है। अब देखने वाली बात यह होगी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और जिला प्रशासन की चौखट तक पहुंची इस गूंज के बाद संबंधित अधिकारी कितनी जल्दी हरकत में आते हैं और इन बेबस श्रमिकों को न्याय दिला पाते हैं।
दो महीने से वेतन बंद, बोनस भी गायब वीनस इंजीनियरिंग पर फूटा संविदा श्रमिकों का गुस्सा, सीएम योगी से शिकायत
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