सोनभद्र। सोनभद्र-बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के भूमिधरी खनन पट्टों के आवंटन को लेकर चल रहा विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें प्रशासन को ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनियों के पक्ष में नया लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी करने का निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने मामले के सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई के लिए 3 अगस्त 2026 की तारीख तय की है। यह पूरा विवाद सोनभद्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में पट्टों के आवंटन से जुड़ा है। 12 जनवरी 2026 को जिला प्रशासन द्वारा कई खनन क्षेत्रों के लिए ई-नीलामी (E-Auction) आयोजित की गई थी। इस नीलामी प्रक्रिया में बोलियों का अंतर बेहद चौंकाने वाला था। कांत कंस्ट्रक्शन की उच्चतम बोली कंपनी ने एक खनन पट्टे के लिए 1051 रुपये प्रति घन मीटर की सबसे ऊंची बोली लगाई थी, जबकि इस पट्टे का बेस प्राइस महज 165 रुपये तय था। बोली निरस्त होने का कारण जिला प्रशासन ने यह कहते हुए कांत कंस्ट्रक्शन की बोली को निरस्त (Cancel) कर दिया कि कंपनी ने हलफनामा (Affidavit), डिमांड ड्राफ्ट (DD) और चालान की हार्ड कॉपी समय पर जमा नहीं की थी। कम बोली वाले को आवंटन कांत कंस्ट्रक्शन की बोली रद्द होने के बाद, प्रशासन ने यही पट्टा महज 207 रुपये प्रति घन मीटर की बोली लगाने वाली मां दुर्गा माइनिंग वर्क्स को आवंटित कर दिया।
अन्य पट्टों में भी हुआ फेरबदल इसी प्रकार दो अन्य खनन पट्टों में भी 333-333 रुपये की ऊंची बोलियों को तकनीकी कारणों से कैंसिल कर दिया गया और 201 व 202 रुपये की कम बोली लगाने वाली कंपनियों को ठेका दे दिया गया। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ कांत कंस्ट्रक्शन कंपनी और रुद्रा एंटरप्राइजेज ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्यवीर सिंह की डिवीजन बेंच ने इसे नीलामी प्रक्रिया में साफ तौर पर ‘हेराफेरी’ का मामला माना। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी (DM) द्वारा पूर्व में जारी किए गए LOI को रद्द कर दिया। साथ ही, 8 मई 2026 को प्रशासन को आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ता कंपनियों (कांत कंस्ट्रक्शन और रुद्रा एंटरप्राइजेज) के पक्ष में नया LOI जारी करें। हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रभावित हुई मां दुर्गा माइनिंग वर्क्स ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी।
सर्वोच्च अदालत का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 8 मई को दिए गए आदेश (नया LOI जारी करने के निर्देश) के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक (Stay) लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद सोनभद्र के इस हाई-प्रोफाइल खनन टेंडर मामले में एक नया मोड़ आ गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी, तब तक के लिए हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी रूप से स्थगित रहेगा। इस कानूनी लड़ाई के कारण बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के इन पट्टों पर खनन कार्य को लेकर संशय की स्थिति बन गई है।
सोनभद्र खनन टेंडर मामला सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के LOI जारी करने के आदेश पर लगाई रोक
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