जिला संवाददाता अजीत प्रताप सिंह, अनपरा, सोनभद्र। अनपरा तापीय परियोजना के आवासीय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में ऊर्जांचल जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित सनातन और भारत वर्ष कल, आज और कल विषयक भव्य कार्यक्रम राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक विमर्श का मुख्य केंद्र बन गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित देश के प्रख्यात पत्रकार एवं चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के ओजस्वी संबोधन को सुनने के लिए समूचे ऊर्जांचल क्षेत्र से जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रोताओं के भारी उत्साह के चलते विशाल ऑडिटोरियम अपनी अंतिम सीमा तक पूरी तरह भरा नजर आया। अपने चिरपरिचित प्रभावशाली और तार्किक अंदाज में देश की समकालीन परिस्थितियों पर बात करते हुए पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने संविधान और राजनीति के कई अहम पहलुओं को छुआ। उन्होंने कहा हमारे संविधान में अल्पसंख्यक (माइनॉरिटी) की अवधारणा का उल्लेख तो मिलता है, लेकिन इसकी कोई स्पष्ट और ठोस परिभाषा आज तक निर्धारित नहीं की गई है। देश में अब यह तय करने का समय आ गया है कि किसी समुदाय को किस आधार पर, किस भौगोलिक इकाई में और कितने जनसंख्या प्रतिशत तक अल्पसंख्यक माना जाएगा। इस विषय पर एक स्पष्ट राष्ट्रीय नीति बननी बेहद जरूरी है। कुलश्रेष्ठ ने देश के बड़े मंदिरों की आय और उनके सरकारी प्रबंधन के विषय को भी पूरी प्रखरता से मंच पर रखा। उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार अन्य धर्मों के धार्मिक संस्थानों और उनके चंदे पर सरकारी नियंत्रण नहीं है, ठीक उसी प्रकार का नियम और स्वतंत्रता मंदिरों के मामले में भी लागू होनी चाहिए। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि मंदिरों से प्राप्त होने वाले चढ़ावे और धनराशि के पारदर्शी उपयोग के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाना चाहिए। यह समिति समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद हिंदू परिवारों के बच्चों की शिक्षा, बेटियों के विवाह और अन्य सामाजिक आवश्यकताओं में सीधे सहयोग कर सके। तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आज जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने का समय आ चुका है। जनता द्वारा अपने प्रतिनिधियों के कार्यों की प्रत्यक्ष और निरंतर समीक्षा (Review) करने की एक सुदृढ़ व्यवस्था होनी चाहिए, जो कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि राष्ट्र और समाज के व्यापक हित में अब सत्य और स्पष्टता को अपनाना ही होगा। राष्ट्र चेतना के इस महासंगम में राजनीति, उद्योग, प्रशासन और समाज सेवा से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की।

मंच और दीर्घा में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। राम सकल जी (पूर्व सांसद), आनंद कुमार सिंह जी (परियोजना प्रमुख, MEIL अनपरा), वीरेन्द्र गोयल जी (अध्यक्ष, सिंगरौली विकास प्राधिकरण, मध्य प्रदेश), के. पी. सिंह जी (पूर्व आईपीएस अधिकारी), के. डी. जैन जी (महाप्रबंधक, खड़िया परियोजना), अजय कटिहार जी (परियोजना प्रमुख, अनपरा तापीय परियोजना), के. सी. जैन जी (महामंत्री, ऊर्जांचल जनकल्याण समिति), आर. जी. खंडेलवाल जी, ए. के. सिंह जी सहित भारी संख्या में स्थानीय पत्रकार बंधु, मातृशक्ति और बच्चे। कार्यक्रम के समापन पर ऊर्जांचल जनकल्याण समिति के अध्यक्ष आर. डी. सिंह जी ने सभी आगंतुक अतिथियों, प्रबुद्ध श्रोताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी द्वारा मंच से प्रस्तुत किए गए विचार समाज को एक नई और सही दिशा देने वाले हैं। समिति और क्षेत्र के नागरिक उनके बताए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लेते हैं। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार महापुरुषों के जयकारों और देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा। राष्ट्र और संस्कृति के प्रति जागृत हुआ यह अनूठा उत्साह इस बात का प्रतीक है कि यह आयोजन अनपरा और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय तक वैचारिक विमर्श का विषय बना रहेगा।


