हापुड़ (मनीष कुमार) तकनीक पर आंख मूंदकर भरोसा करना कभी-कभी कितना जानलेवा साबित हो सकता है, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ से सामने आया है। यहाँ एक अनजान रास्ते पर ऑनलाइन नेविगेशन ऐप (डिजिटल मैप) के निर्देशों का पालन कर रहा एक परिवार सीधे मौत के मुंह में जा फंसा। देर रात दादरी से एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने किठौर जा रहा यह परिवार हापुड़ के श्यामनगर में हादसे का शिकार हो गया कार चालक अनजान रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह ऑनलाइन मैप पर निर्भर था। डिजिटल मैप ने स्क्रीन पर आगे का रास्ता बिल्कुल सीधा और साफ दिखाया था। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट थी वह रास्ता आगे जाकर एक गहरे और बड़े नाले में तब्दील हो चुका था। रात के अंधेरे में मैप के निर्देशों पर भरोसा करते हुए जैसे ही कार चालक ने गाड़ी आगे बढ़ाई, कार अनियंत्रित होकर सीधे कीचड़ और पानी से भरे गहरे नाले में जा गिरी नाले में गिरने के बाद कार बुरी तरह कीचड़ में धंस गई। पानी के भारी दबाव के कारण कार के दरवाजे और शीशे पूरी तरह लॉक हो गए, जिससे गाड़ी के भीतर मौजूद एक ही परिवार के चार वयस्क और दो मासूम बच्चे अंदर ही कैद हो गए कार सवार पीड़ित युवक साहिल ने आपबीती बताते हुए कहा हमने ऐप में रास्ता सीधा देखकर गाड़ी आगे बढ़ा दी थी, लेकिन वहां गहरा पानी था जिसमें गाड़ी धंस गई। बंद गाड़ी के भीतर दम घुटने लगा था और आधी रात के खौफ के बीच हमारा पूरा परिवार करीब 2 घंटे तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा इस खौफनाक माहौल के बीच, परिवार ने सूझबूझ दिखाई और मोबाइल के जरिए आपातकालीन नंबर 112 पर फोन मिलाकर पुलिस और दमकल विभाग को घटना की सूचना दी सूचना मिलते ही श्यामनगर में पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल विभाग के लीडिंग फायरमैन नरेंद्र कुमार ने बताया कि नाले के अंदर कार में लोगों के फंसे होने की खबर पर टीम ने बिना वक्त गंवाए बेहद सूझबूझ और तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने कार में फंसे सभी 6 लोगों (जिसमें दो मासूम बच्चे भी शामिल थे) को बेहद सावधानी से एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते मिली इस मदद के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और सभी की जान बच गई। इसके बाद स्थानीय उपकरणों और क्रेन की मदद से नाले में फंसी कार को बाहर निकाला गया यह घटना उन सभी वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ा सबक और चेतावनी है, जो अनजान रास्तों पर सफर करते समय अपनी आंखें बंद करके पूरी तरह नेविगेशन ऐप्स पर निर्भर हो जाते हैं रात के समय या अनजान रास्तों पर सफर करते समय डिजिटल मैप के साथ-साथ अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों से रास्ता पूछने में संकोच न करें।
डिजिटल मैप का अंधा भरोसा पड़ा भारी आधी रात को नाले में गिरी कार
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