ओबरा/सोनभद्र । सनातन संस्कृति में नर सेवा ही नारायण सेवा के सिद्धांत को सर्वोपरि माना गया है। इस पावन विचार को धरातल पर क्रियान्वित करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना ही धर्म का वास्तविक और व्यावहारिक स्वरूप है। इसी सेवा संकल्प के साथ विकास खंड चोपन के अंतर्गत सुदूर जनजातीय अंचलों में माँ शारदा परिवार ओबरा द्वारा एक अत्यंत अनुकरणीय सामाजिक कार्य संपन्न किया गया। इस पूरे वृहद अभियान का मुख्य आधार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के शीर्ष केंद्र मैहर शक्तिपीठ धाम के पूर्व प्रधान पुजारी परम पूज्य ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 देवी प्रसाद जी महाराज का पावन जन्मोत्सव रहा। चूंकि पूज्य गुरु महाराज का जन्म पवित्र रथ यात्रा के दिन हुआ था, इसलिए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा के ऐतिहासिक महासंयोग के बीच इस जन्मोत्सव को एक बड़े सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। मैहर धाम के वर्तमान प्रधान पुजारी (ब्रह्मलीन गुरु महाराज के सुपुत्र) के कुशल मार्गदर्शन में संचालित मंदिर समिति और मंडल समिति ने इस अवसर पर एक अत्यंत दूरगामी निर्णय लिया। समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि तात्कालिक लंच पैकेट बांटने की सीमित व्यवस्था के स्थान पर, सुदूर जनजातीय और जरूरतमंद परिवारों को सीधे वृहद राशन सामग्री किट (जिसमें आटा, दाल, आलू, तेल, नमक व अन्य जीवनोपयोगी खाद्य सामग्री शामिल थी) वितरित की जाएगी, जिससे इन परिवारों के घरों में भोजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इस पुनीत सेवा अनुष्ठान की शुरुआत सुबह माँ शारदा शक्ति मंदिर (हंस वाहिनी नगर, बिल्ली) में विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चन और प्रार्थना के साथ हुई। इसके उपरांत, सेवादारों का काफिला राहत सामग्री लेकर सुदूर जनजातीय और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र करजी ग्राम पंचायत पहुँचा। वहाँ पर भारी संख्या में एकत्रित ग्रामीण और जनजातीय समाज के परिवारों के बीच अत्यंत सुव्यवस्थित और सम्मानजनक ढंग से राशन सामग्री किट का वितरण किया गया।
करजी क्षेत्र में वितरण के साथ-साथ, वापसी के मार्ग में भी जहाँ जरूरतमंद दिखे, उन्हें राहत सामग्री पहुँचाई गई। इसके बाद यह काफिला बिल्ली मारकुंडी क्रेशर फील्ड के पीछे स्थित सुदूर गरीब बस्ती में पहुँचा, जहाँ अत्यंत अभावों में जीवन यापन कर रहे परिवारों के बीच भी व्यापक स्तर पर राहत सामग्री पहुँचाई गई। इसके साथ ही, बस्तियों में मौजूद छोटे बच्चों के बीच भी बाल-सुलभ सामग्री का वितरण कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी गई। इस पूरे सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठान को धरातल पर सफल बनाने के लिए माँ शारदा परिवार ओबरा के पदाधिकारी और प्रबुद्ध समाज सेवी सुबह से ही पूरी निष्ठा के साथ मुस्तैद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप अग्रहरि, सूर्य नारायण, तारकेश्वर केसरि, जेपी केसरी, लक्ष्मी नारायण अग्रहरि, उमाशंकर अग्रहरि, लवकुश अग्रहरि, विजय वैश्य, संतोष अग्रहरि, मोहन दुबे, राकेश अग्रहरी, अभिषेक अग्रहरी, अजय अग्रहरि, गणेश अग्रहरि, विकाश दुबे, विनय पांडे और अरविंद अग्रहरि सहित माँ शारदा परिवार के तमाम सम्मानित सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरी तत्परता के साथ इस वितरण व्यवस्था को संचालित किया। दिनभर सुदूर क्षेत्रों में चले इस सेवा संकल्प के बाद, शाम को बिल्ली स्थित माँ शारदा शक्ति मंदिर परिसर में एक अनुपम आध्यात्मिक छटा देखने को मिली। माता रानी और पूज्य गुरु महाराज की दिव्य महाआरती उतारी गई, जिसके बाद सुप्रसिद्ध भजनों और कीर्तन की अमृत वर्षा हुई। इसके उपरांत एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें ओबरा नगर सहित आसपास के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण किया। माँ शारदा परिवार ओबरा द्वारा आयोजित यह वृहद कार्यक्रम न केवल ब्रह्मलीन गुरु महाराज के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि यह बदलते दौर में संपूर्ण मानव समाज के लिए सामाजिक सौहार्द और परोपकार की एक बेजोड़ मिसाल भी है।
ब्रह्मलीन गुरु महाराज के जन्मोत्सव पर उमड़ा सेवा भाव माँ शारदा परिवार ओबरा ने करजी और बिल्ली मारकुंडी में किया वृहद राशन वितरण
Previous Articleजब तक सोनभद्र के अंतिम व्यक्ति को न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा आनंद पटेल दयालु बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कोटा में हस्ताक्षर अभियान
Next Article हापुड़ में धूमधाम से मनाया गया 17वा सीएससी दिवस
Related Posts
Add A Comment

