Narendra Modi के सोना एक साल तक नहीं खरीदने संबंधी बयान के बाद वाराणसी के सुनारों और सर्राफा व्यापारियों में नाराज़गी देखने को मिली। व्यापारियों ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर सरकार से अपने रोजगार और जीवनयापन को लेकर चिंता जताई।
व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद सोने के कारोबार पर सीधा असर पड़ा है और बाजार में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। सुनारों ने कहा कि कारोबार लगातार गिरता जा रहा है और स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई लोगों को अपना घर चलाने के लिए दूसरे छोटे-मोटे काम करने पड़ रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे कारीगरों और व्यापारियों ने कहा कि वे छोटे-बड़े कारोबारी हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनका व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। कुछ व्यापारियों ने कहा कि परिवार का पालन-पोषण करने के लिए उन्हें झालमुड़ी बेचने तक के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सोने के कारोबार में आई गिरावट का असर इससे जुड़े कारीगरों पर भी पड़ा है। कारीगरों ने कहा कि काम नहीं मिलने से उनके घरों में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि सरकार उनके जीवनयापन और रोजगार के बारे में भी सोचे।
सुनारों ने कहा कि वे नियमित रूप से सरकार को टैक्स देते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं। ऐसे में सरकार को उनके रोजगार और व्यापार को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
वाराणसी में सुनारों का विरोध, बोले — “झालमुड़ी बेचने को हुए मजबूर”
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