संवाददाता मोहम्मदाबाद (गाजीपुर)। मोहम्मदाबाद नगर के वकीलबाड़ी रोड के समीप आयोजित ‘लंदन सिटी’ प्रदर्शनी मेला इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच कई तरह की चिंताएं भी सामने आ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि किसी प्रकार की अप्रिय घटना या बड़ा हादसा हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
जिस स्थान पर मेला आयोजित किया गया है, वह गाजीपुर-बलिया को जोड़ने वाला अत्यंत व्यस्त मुख्य मार्ग है। इस सड़क पर दिनभर ट्रक, डंपर, ट्रेलर सहित भारी वाहनों का आवागमन बना रहता है। वहीं दूसरी ओर मेले में उमड़ रही भीड़ के कारण शाम के समय सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग, महिलाएं और बच्चे घूमते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
नगरवासियों का मानना है कि यदि किसी कारणवश कोई वाहन अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस जाए या कोई अन्य आपात स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो गंभीर जनहानि हो सकती है।
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि मेले में संचालित बड़े झूले के आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसी प्रकार फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, रेत (बालू) तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन पर्याप्त संख्या में दिखाई नहीं देते। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
लोगों का यह भी कहना है कि सीमित स्थान में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी किसी भी आपात स्थिति में भगदड़ का कारण बन सकती है। यदि ऐसी स्थिति पैदा होती है तो लोगों के एक-दूसरे पर गिरने और गंभीर दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
नगरवासियों का कहना है कि मेले में सुरक्षा, फायर सेफ्टी, झूलों की तकनीकी जांच, ट्रैफिक व्यवस्था तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि सभी मानक पूरे हैं तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए और यदि कहीं कोई कमी है तो उसे तत्काल दूर कराया जाए, ताकि मनोरंजन का यह आयोजन किसी संभावित हादसे का कारण न बने।

