ओबरा, सोनभद्र। आशीष मिश्रा। जनपद सोनभद्र के ओबरा नगर में अनारक्षित वर्ग के बच्चों के भविष्य की सुरक्षा और प्रस्तावित यूजीसी (UGC) बिल को लेकर सरकार की नीतियों के विरोध में प्रबुद्ध नागरिकों एवं युवाओं ने एकजुट होकर अनारक्षित वर्ग संघर्ष मोर्चा का गठन किया। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने यूजीसी बिल को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर जिलाधिकारी सोनभद्र के नाम एक ज्ञापन सौंपा और अपने बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई। मोर्चा के सदस्यों का कहना है कि प्रस्तावित यूजीसी बिल को लेकर देशभर में अनारक्षित वर्ग के छात्र, अभिभावक और प्रबुद्ध नागरिक सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों व नागरिकों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा उनकी जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में अपने बच्चों के करियर और भविष्य की सुरक्षा को लेकर असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने केंद्र व राज्य सरकार से यूजीसी बिल को तत्काल वापस लेने (UGC Roll Back) तथा अनारक्षित वर्ग के बच्चों के हितों व अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
मोर्चा के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह से शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक रास्ता अपनाया है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो अनारक्षित वर्ग के लोग उग्र एवं व्यापक स्तर पर आंदोलन और संघर्ष करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। ज्ञापन सौंपने और मोर्चा के गठन के दौरान भारी संख्या में अनारक्षित वर्ग के लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मुन्ना सिंह, राम यश पाण्डेय, राकेश मिश्रा, राम निवास तोमर, अभिषेक सिंह, निशांत सिंह राठौर, जय शंकर भारद्वाज, विकास सिंह, विजय सिंह, बृजेश सिंह सहित अनारक्षित वर्ग संघर्ष मोर्चा के समस्त सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे।
सोनभद्र UGC बिल के विरोध में ओबरा में अनारक्षित वर्ग संघर्ष मोर्चा का गठन, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
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