ओबरा (सोनभद्र)।औद्योगिक क्षेत्र ओबरा के बाड़ी गांव स्थित कोल बस्ती में पिछले कई दिनों से एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। सोन नदी से अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री को पानी सप्लाई करने वाली मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई, जिसके बाद लाखों लीटर पानी बहकर बर्बाद हो गया। इस भीषण गर्मी में जहाँ ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं, वहीं कंपनी प्रबंधन की इस घोर लापरवाही ने गरीब आदिवासियों और झोपड़ीवासियों के आशियानों को संकट में डाल दिया था। पाइपलाइन फटने के कारण पानी का दबाव इतना तेज़ था कि घनी आबादी और बच्चों की मौजूदगी वाली इस कोल बस्ती के बीचों-बीच देखते ही देखते लगभग 10 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा बन गया। पानी लगातार बहने से मिट्टी धंस रही थी और यह गहरा गड्ढा किसी बड़े हादसे को खुली दावत दे रहा था। स्थानीय ग्रामीण और कोल बस्ती के लोग इस स्थिति को देखकर पिछले कई दिनों से बेहद भयभीत और परेशान थे, लेकिन औद्योगिक प्रबंधन इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा था। रविवार को जैसे ही इस संवेदनशील मामले की सूचना स्थानीय पत्रकार को मिली, उन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना समय गंवाए सीधे ग्राउंड ज़ीरो (बाड़ी कोल बस्ती) का रुख किया। मौके पर पहुंचकर जब उन्होंने बदतर हालात देखे, तो तत्काल तत्परता दिखाते हुए अल्ट्राटेक कंपनी प्रबंधन और संबंधित ज़िम्मेदार अधिकारियों से संपर्क साधा। पत्रकार के कड़े रुख और त्वरित हस्तक्षेप के बाद प्रबंधन हरकत में आया और पानी की इस सप्लाई को तुरंत बंद करवाया गया, जिसके बाद जाकर डरे-सहमे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। मामले को शांत कराने के बाद पत्रकार ने स्थानीय लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए कंपनी प्रबंधन के समक्ष एक बेहद व्यावहारिक और न्यायसंगत मांग रखी है। उन्होंने कहा एक तरफ जहाँ कंपनी की लापरवाही से हज़ारों-लाखों लीटर कीमती पानी बहकर नाले और गड्ढों में बेकार चला गया, वहीं दूसरी तरफ इस बस्ती के गरीब ग्रामीण पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन को चाहिए कि इस लीकेज को ठीक करने के साथ-साथ सामाजिक सरोकार (CSR) के तहत इस पूरी कोल बस्ती के लिए एक टोटी (नल) की स्थायी व्यवस्था करे।अगर इस फटी हुई पाइपलाइन की जगह कंपनी एक टोटी लगा देती है, तो भीषण गर्मी की मार झेल रहे इन गरीब ग्रामीणों को पीने का साफ पानी मिल सकेगा और उन्हें इस संकट से बड़ी राहत मिलेगी। अब क्षेत्र की जनता और पीड़ित ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन इस बड़ी लापरवाही से क्या सबक लेता है। कंपनी इस खतरनाक पाइपलाइन की मुकम्मल मरम्मत कब तक कराती है और कोल बस्ती के गरीबों के लिए पानी की टोटी लगाने की इस जायज़ व मानवीय मांग को कितनी गंभीरता से लेती है, यह देखने वाली बात होगी।
अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की बड़ी लापरवाही बाड़ी कोल बस्ती में फटी मुख्य पाइपलाइन, बना 10 फीट गहरा गड्ढा टला बड़ा हादसा
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