बाराचवर/ गाजीपुर। जनपद के विकासखंड बाराचवर के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र स्थित ऊंचाडीह गांव के दक्षिण दिशा में विराजमान श्री बाबा नागेश्वर नाथ धाम क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं के सभी कष्ट दूर होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन माह, महाशिवरात्रि तथा अन्य पर्वों पर यहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, प्राचीन काल में यह स्थान घने जंगल से आच्छादित था। एक चरवाहे की गाय प्रतिदिन चरने के बाद एक निश्चित स्थान पर पहुंचकर अपने थनों से स्वतः दूध अर्पित करती थी। जब ग्रामीणों ने उस स्थान की खुदाई कराई तो वहां भगवान शिव का एक दिव्य एवं दुर्लभ शिवलिंग प्रकट हुआ। कहा जाता है कि शिवलिंग को निकालने का प्रयास किया गया तो वह स्वयं धरती में धंसने लगा, जिसके बाद लोगों ने इसे भगवान शिव का चमत्कार मानकर वहीं पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
धाम से जुड़ी एक अन्य मान्यता के अनुसार, कुछ लोगों ने शिवलिंग को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया था, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी चली गई। पश्चाताप कर बाबा के चरणों में क्षमा मांगने के बाद उन्हें पुनः दृष्टि प्राप्त हुई। यह भी कहा जाता है कि मुगल शासनकाल में औरंगजेब के सैनिकों ने इस शिवलिंग को तोड़ने का प्रयास किया था, किंतु वे सफल नहीं हो सके। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि शिवलिंग पर आज भी उस प्रहार के निशान मौजूद हैं।
लोकमान्यता के अनुसार, महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण अयोध्या से बक्सर जाते समय इस क्षेत्र से होकर गुजरे थे। धाम के पीछे स्थित सुंदर सरोवर, पक्के घाट, हरियाली, भव्य प्रवेश द्वार, धर्मशाला और सुव्यवस्थित परिसर श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।
मुख्य शिव मंदिर के साथ यहां श्री लक्ष्मी नारायण, बजरंगबली, मां दुर्गा और मां सरस्वती के मंदिर भी स्थापित हैं, जबकि मंदिर प्रांगण में नंदी महाराज विराजमान हैं। सावन मास में पूरे महीने भजन-कीर्तन, हवन, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक का आयोजन होता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होते हैं।
धाम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई है। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और शांत वातावरण के कारण श्री बाबा नागेश्वर नाथ धाम आज पूर्वांचल के प्रमुख शिवधामों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है।
आस्था का अद्भुत केंद्र है ऊंचाडीह का श्री बाबा नागेश्वर नाथ धाम, जहां श्रद्धालुओं की हर मनोकामना होती है पूर्ण
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