सिकंदरपुर (बलिया), 2 जून। थाना सिकंदरपुर क्षेत्र में गोली लगने की घटना का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस युवक ने खुद को गोली लगने की बात कहकर छह लोगों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया था, उसने अपने साथी के साथ मिलकर पूरी घटना की साजिश रची थी। वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घायल युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक बलिया श्री ओमवीर सिंह के निर्देशन में की गई जांच के अनुसार 25 मई 2026 को सुनील राय निवासी हरनाटार दयालपुर ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 23 मई की रात करीब 10:30 बजे छह लोग उनके घर पहुंचे और दरवाजा खुलते ही उनके पुत्र आयुष राय पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसके बाएं हाथ में गोली लग गई।
इस तहरीर के आधार पर थाना सिकंदरपुर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता एवं घायल के बयानों में लगातार विरोधाभास मिला, जिससे घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। इसके बाद पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और तकनीकी जांच के आधार पर गहन पड़ताल की।
विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि घायल आयुष राय उर्फ नारियल तथा उसका सहयोगी रावीन सिंह इस पूरे घटनाक्रम में संलिप्त थे। पुलिस के अनुसार दोनों ने मिलकर खुद पर गोली चलवाकर अन्य लोगों को फंसाने की साजिश रची थी। जांच में आरोपों को झूठा पाए जाने पर पूर्व में दर्ज धाराओं को हटाते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की नई धाराएं 61(2), 231, 233 एवं 240 जोड़ी गईं।
पुलिस ने मंगलवार की शाम आयुष राय उर्फ नारियल पुत्र सुनील राय निवासी हरनाटार दयालपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई को उपनिरीक्षक एवं विवेचक दुर्गेश गौड़ ने अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
खुद को गोली मरवाकर दूसरों को फंसाने की साजिश का खुलासा, घायल युवक गिरफ्तार
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