चोपन (सोनभद्र) 17 मई 2026 सोनभद्र जनपद की चोपन पुलिस और यूपी डायल 112 (PRB) की सजगता व त्वरित सूझबूझ से एक बड़ा अनहोना हादसा होने से टल गया। आधी रात को गश्त के दौरान पीआरबी जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घर से लापता दो नाबालिग स्कूली छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया। वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों किशोरियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस महकमे के इस सराहनीय और मानवीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार, चोपन थाने की पीआरबी संख्या 1070 अपने निर्धारित रूट पर रोजाना की भांति रात्रि गश्त पर थी। पीआरबी वाहन बग्घानाला की तरफ बढ़ रहा था कि तभी रात के लगभग 1:00 बजे जवानों की नजर विश्वनाथ ढाबा के समीप पड़ी। जवानों ने देखा कि घने अंधेरे और सन्नाटे के बीच दो नाबालिग लड़कियां संदिग्ध परिस्थितियों में वहां खड़ी थीं। चौंकाने वाली बात यह थी कि इतनी रात को भी दोनों किशोरियां स्कूल यूनिफॉर्म (पोशाक) में थीं और उनके पास उनके स्कूल बैग भी थे। माहौल को भांपते हुए पीआरबी पर तैनात मुख्य आरक्षी (दीवान) नागेंद्र कुमार पटेल और आरक्षी सुनील कुमार गोंड ने बिना देर किए गाड़ी रुकवाई और बच्चियों के पास पहुंचे। रात के सन्नाटे में खाकी को देखकर दोनों किशोरियां बुरी तरह डरी हुई थीं और शुरुआत में कुछ भी बताने से कतरा रही थीं। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पीआरबी जवानों ने तुरंत इसकी सूचना चोपन थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा को दी। थाना प्रभारी के निर्देश पर दोनों बच्चियों को पूरी सुरक्षा के साथ तत्काल चोपन थाने लाया गया।
चोपन थाने में महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने बच्चियों को ढांढस बंधाया, उन्हें पानी पिलाया और विश्वास में लेकर बेहद प्यार से पूछताछ की। पुलिस के अपनत्व भरे व्यवहार के बाद बच्चियों का डर दूर हुआ और उन्होंने सच उगल दिया। दोनों किशोरियां सोनभद्र के ही राबर्टसगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं और अपने घर से लापता थीं। बच्चियों के अचानक गायब होने से परेशान परिजनों ने राबर्टसगंज कोतवाली में पहले ही उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी।
चोपन प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना तत्काल कोतवाली राबर्टसगंज पुलिस को दी। इसके बाद राबर्टसगंज पुलिस और बच्चियों के परिजनों को चोपन बुलाया गया। आवश्यक कानूनी और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों बच्चियों को उनके रोते-बिलखते परिजनों की देखरेख में सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया। अपनी लाडलियों को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने पुलिस टीम का बार-बार आभार जताया। यदि समय रहते चोपन पुलिस और डायल 112 की टीम हाइवे पर सजग न होती, तो आधी रात को इन मासूम बच्चियों के साथ कोई भी गंभीर या अप्रिय घटना घट सकती थी। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल दो जिंदगियों को सुरक्षित बचाया बल्कि दो परिवारों को उजड़ने से भी बचा लिया। इस शानदार सफलता और मानवीय चेहरे के लिए स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने चोपन पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
चोपन पुलिस व डायल 112 की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा आधी रात को ढाबे के पास मिलीं लापता दो नाबालिग छात्राएं, सकुशल बरामद
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