उत्तर प्रदेश के जनपद गाज़ीपुर अंतर्गत भांवरकोल क्षेत्र से बिजली संकट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। क्षेत्र के बीरपुर फीडर (फिटर) के तहत आने वाले गांवों में इन दिनों बेतहाशा और मनमानी विद्युत कटौती से स्थानीय जनता के बीच भारी हाहाकार और आक्रोश का माहौल है। उमस और भीषण गर्मी के इस मौसम में अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है।
ऊर्जा मंत्री की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों और सहित कई प्रबुद्ध जनों ने क्षेत्र की बदहाल विद्युत आपूर्ति को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज कसा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार चौबीस घंटे निर्बाध बिजली देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर बिजली विभाग और ऊर्जा मंत्री की ‘मस्त व्यवस्था’ के चलते लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
क्या इसी ‘अंधेरे’ से बढ़ रहा है भाजपा का जनाधार?
क्षेत्र के आक्रोशित लोगों का कहना है कि बिजली की यह लचर व्यवस्था सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दावों को खोखला साबित कर रही है। जनता के बीच यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि बुनियादी जनसुविधाओं (जैसे बिजली) के अभाव में क्या वाकई में सत्ता पक्ष का जनाधार मजबूत हो रहा है या फिर इस अघोषित अंधेरे से जनता का मोहभंग हो रहा है?
व्यापार और खेती-किसानी पर पड़ रहा बुरा असर
बीरपुर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं का आरोप है कि जेई फोन नही उठाते हैं और उनका लडका जेई का काम संभालता है, बिजली आने और जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। घंटो तक बिजली गुल रहने से जहाँ एक तरफ पेयजल का संकट खड़ा हो जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लघु उद्योगों, दुकानों और किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर भी इसका बेहद विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
भांवरकोल क्षेत्र के त्रस्त नागरिकों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि बीरपुर फीडर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए और रोस्टर के अनुसार नियमित बिजली दी जाए। यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
भांवरकोल के बीरपुर फीडर पर बिजली कटौती से हाहाकार, ऊर्जा मंत्री की ‘मस्त’ व्यवस्था पर जनता का तीखा तंज
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