सैदपुर। नगर में लगातार बढ़ती यातायात अव्यवस्था आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। एक ओर रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर नगर के बीचों-बीच भारी वाहनों के बेरोकटोक प्रवेश से स्थिति और भी विकराल हो गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीर घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिनभर ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन नगर की सड़कों से गुजरते रहते हैं, जिससे मुख्य मार्गों पर बार-बार जाम लग जाता है। स्कूल जाने वाले छात्र, मरीज, कर्मचारी और व्यापारी सभी इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। कई बार एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।
नगरवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन नगर क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए निश्चित समय निर्धारित कर नो-एंट्री व्यवस्था लागू कर दे तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। लेकिन बार-बार शिकायतों और मांगों के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
रेलवे फाटक बंद होने के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ऐसे समय में भारी वाहनों की मौजूदगी हालात को और खराब कर देती है। परिणामस्वरूप लोगों को कड़ी धूप में घंटों फंसे रहना पड़ता है और उनका बहुमूल्य समय बर्बाद होता है।
नगर के बुद्धिजीवियों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्काल प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
फिलहाल हालात यह हैं कि जाम से त्रस्त जनता राहत की उम्मीद लगाए बैठी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी समस्या से आंखें मूंदे हुए नजर आ रहे हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप धारण कर सकती है।

