हापुड़ (मनीष कुमार) समाजवादी पार्टी ने सोमवार को बढ़ती महंगाई और ईंधन की बढ़ी कीमतों के विरोध में शहर में प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ता भैंसा बुग्गी लेकर आंबेडकर तिराहे से निकले। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने धारा-144 का हवाला देते हुए भैंसा बुग्गी के साथ आगे बढ़ने से रोक दिया, जिस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई।
स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से वार्ता की। काफी देर तक चले गतिरोध के बाद सपा नेताओं को जिलाधिकारी कार्यालय जाकर ज्ञापन देने की अनुमति दी गई। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वाहनों से कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और दो थानों की पुलिस बल को तैनात किया गया। बाद में सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने एडीएम संदीप कुमार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था, निजीकरण और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाया गया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई और बिजली दरों में वृद्धि से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। सपा ने मांग की कि नीट सहित सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, युवाओं को रोजगार देने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती निकाली जाए, पेट्रोल-डीजल, गैस और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें कम की जाएं तथा बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए।
जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने कहा आज समाजवादी पार्टी ने आम जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए यह प्रदर्शन किया है। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। महंगाई ने गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। आम आदमी की आय नहीं बढ़ रही, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुएं लगातार महंगी होती जा रही हैं। सरकार जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय उनसे दूरी बना रही है।
देश और प्रदेश का युवा भी आज परेशान है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है। वर्षों तक तैयारी करने वाले छात्र निराशा और हताशा का सामना कर रहे हैं। सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए और पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही खाली पड़े सरकारी पदों पर पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई दरों ने किसानों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं लगातार महंगी होती जा रही हैं। निजीकरण को बढ़ावा देकर सरकारी संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।
हमारा यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि जनहित के मुद्दों को लेकर है। समाजवादी पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी। हम मांग करते हैं कि पेट्रोल, डीजल, गैस और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में राहत दी जाए, बिजली दर वृद्धि वापस ली जाए, युवाओं को रोजगार दिया जाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जाए। यदि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो समाजवादी पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।

