सोनभद्र / ओबरा। अपनों से दूर और ढलती उम्र के थपेड़ों से भले ही इन बुजुर्गों के दिलों में गहरे दर्द छिपे हों, हम उनके कष्टों को पूरी तरह मिटा तो नहीं सकते, लेकिन अपनों जैसा वक्त देकर उनके दर्द को कुछ कम जरूर कर सकते हैं। इसी सेवा भावना को चरितार्थ करते हुए आज दिनांक 15 जून 2026, दिन सोमवार को स्थानीय वृद्धाश्रम में एक बेहद भावुक और ऊर्जावान योग शिविर का आयोजन किया गया। यह अनूठी पहल युवा योग गुरु योगी संकटमोचन द्वारा की गई, जिन्होंने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के एकाकीपन को दूर करने के लिए न केवल उन्हें योग सिखाया, बल्कि संगीत और हास्य के रंग भी बिखेरे। शिविर की शुरुआत में योग गुरु ने वृद्धजनों को उनकी उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार सरल प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया, जिससे उन्हें शारीरिक रूप से ऊर्जावान महसूस हो सके। योग के गंभीर अभ्यास के बाद, माहौल को हल्का और आनंदमय बनाने के लिए योगी संकटमोचन ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की धुन सुनते ही आश्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया। कई बुजुर्ग भावुक हो गए तो कई के चेहरे खिल उठे। संगीत के माध्यम से बुजुर्गों को मानसिक शांति और असीम आत्मिक सुकून का अहसास हुआ। बुजुर्गों के जोड़ों के दर्द और शारीरिक जकड़न को दूर करने के लिए उन्हें हल्के सूक्ष्म व्यायाम कराए गए। इसके बाद कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा हास्यासन और सिंहासन। जब योग गुरु के नेतृत्व में सभी बुजुर्गों ने एक साथ खुलकर ठहाके लगाए, तो वर्षों से जमी उदासी के बादल छंट गए। आश्रम का कोना-कोना बुजुर्गों की खिलखिलाहट से गूंज उठा। यह देखना बेहद सुखद था कि जो आंखें अमूमन अपनों की राह तकती थीं, आज उनमें खुशी के आंसू थे। बुजुर्गों की प्रसन्नता देखकर जब उनसे प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने भावुक होकर योग गुरु का हाथ थाम लिया और उनसे दोबारा जल्द आने का आग्रह किया। इस पर युवाओं के प्रेरणास्रोत योगी संकटमोचन ने बेहद विनम्रता से कहा आप सभी के चेहरों पर यह अनमोल मुस्कान बनी रहे, बस इसी एक मकसद के लिए मैं यहाँ निःशुल्क योग कराने आता हूँ। आप सबमें मुझे साक्षात ईश्वर के दर्शन होते हैं। योगी संकटमोचन पिछले लगातार 4 वर्षों से बिना किसी स्वार्थ के निरंतर इस वृद्धाश्रम में आते रहते हैं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं मानसिक तनाव को दूर करने के लिए प्रयासरत हैं। इस अवसर पर आश्रम प्रबंधन ने भी योग गुरु के इस नि:स्वार्थ मानवीय प्रयास की भूरि-भूरि सराहना की और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
युवा योग गुरु संकटमोचन ने योग और भजनों से बिखेरी बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान
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