वाराणसी। भक्ति नगर स्थित महाराजा लॉन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन रविवार को भव्य धार्मिक आयोजनों एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुआ। समापन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया कथा व्यास श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. इंद्रदेव महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए धर्म, भक्ति एवं सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण मनुष्य को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है तथा उसे सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति ही जीवन के समस्त कष्टों का समाधान है और सनातन धर्म के सिद्धांतों का पालन करने से दुख एवं विपत्तियां स्वतः समाप्त हो जाती हैं महामंडलेश्वर डॉ. इंद्रदेव महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि यदि लोग श्रीमद्भागवत के उपदेशों को अपने दैनिक जीवन में उतार लें तो परिवारों में बढ़ रहे कलह, आपसी विवाद और भाई-भाई के बीच होने वाले झगड़ों जैसी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने के उपायों पर भी विशेष प्रकाश डाला कथा स्थल पर भजनों एवं संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा अमृत का रसपान करते रहे। आयोजन समिति के सदस्य आलोक सिंह ने बताया कि समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई तथा प्रभु को छप्पन भोग अर्पित किए गए।
उन्होंने बताया कि कथा श्रवण के लिए लगभग 200 से 250 श्रद्धालु बाहर से भी पहुंचे थे, जिनके भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था आयोजन समिति द्वारा की गई थी। समापन दिवस पर सभी श्रद्धालुओं को महामंडलेश्वर डॉ. इंद्रदेव महाराज का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
कथा के समापन पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सावित्री सिंह, आलोक सिंह, संदीप सिंह, प्रदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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