गाजीपुर। सावन माह के प्रथम सोमवार को जनपद गाजीपुर पूरी तरह शिवमय हो जाएगा। रविवार रात्रि से ही हजारों शिवभक्त गाजीपुर के पावन ददरी घाट स्थित गंगा तट पर पहुंचकर कांवड़ में गंगाजल भरेंगे और “बोल बम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ पैदल यात्रा करते हुए प्राचीन महाहर धाम पहुंचेंगे। सोमवार प्रातः भगवान शिव का गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक करेंगे।
सावन का प्रथम सोमवार भगवान शिव की विशेष आराधना का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से किए गए जलाभिषेक से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। अविवाहित युवक-युवतियां योग्य जीवनसाथी की कामना, विवाहित दंपति सुख-समृद्धि और पारिवारिक कल्याण तथा श्रद्धालु स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत और शिवपूजन जीवन के कष्टों को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
महाहर धाम का धार्मिक महत्व
गाजीपुर जनपद का महाहर धाम पूर्वांचल के प्रमुख एवं प्राचीन शिवधामों में गिना जाता है। यहां स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। सावन, महाशिवरात्रि तथा अन्य शिव पर्वों पर यहां दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा महाहरनाथ की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उन्हें भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
वर्षों पुरानी है गंगाजल यात्रा की परंपरा
ददरी घाट से गंगाजल लेकर महाहर धाम में जलाभिषेक करने की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। हर वर्ष सावन के प्रत्येक सोमवार तथा विशेष रूप से प्रथम सोमवार को हजारों कांवड़िये गंगा से जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए महाहर धाम पहुंचते हैं। समय के साथ इस धार्मिक यात्रा का स्वरूप और भी भव्य होता गया है। प्रशासन और स्थानीय समितियां भी श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करती हैं।
सावन के प्रथम सोमवार को पूरे मार्ग में भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिलेगा। शिवभक्तों के जयघोष, भजन-कीर्तन और शिव आराधना से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो जाएगा तथा महाहर धाम में जलाभिषेक का सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।
सावन के प्रथम सोमवार पर गूंजेगा हर-हर महादेव का जयघोष, ददरी घाट से जल लेकर महाहर धाम में करेंगे जलाभिषेक
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