अनपरा/सोनभद्र रीना राय रिपोर्टर ।जनपद सोनभद्र के अनपरा स्थित प्रतिष्ठित अनपरा विद्युत डीएवी विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण आज सैकड़ों विद्यार्थियों का स्वास्थ्य और भविष्य गंभीर संकट में पड़ गया है। हल्की सी बारिश होते ही पूरे विद्यालय परिसर में जलभराव की विकराल स्थिति उत्पन्न हो जा रही है, जिससे परिसर किसी टापू जैसा प्रतीत होने लगता है। पानी की समुचित निकासी न होने और सर्वत्र फैली अव्यवस्था के कारण न केवल छोटे-छोटे विद्यार्थियों को बल्कि उनके अभिभावकों को भी रोजाना भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर के चारों तरफ काफी समय से बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं और कचरे का अंबार लगा हुआ है। बारिश के मौसम में जमा हुए गंदे पानी और झाड़ियों के कारण परिसर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों के साथ-साथ विषैले कीट-पतंगों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। अभिभावकों का आरोप है कि इस विकट परिस्थिति में भी विद्यालय प्रशासन द्वारा न तो झाड़ियों की कटाई कराई जा रही है और न ही कीटनाशक दवाओं या फॉगिंग का छिड़काव हो रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की पूरी आशंका बनी हुई है। परिसर की बदहाली का आलम यह है कि इमारतों में सीपेज (रिसन) होने की वजह से बारिश का पानी कक्षाओं और गलियारों के अंदर तक पहुँच जाता है। छात्र-छात्राओं को पानी से भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे फिसलकर चोटिल होने का डर बना रहता है। छोटे बच्चों के जूते व कपड़े भीग जाने से उन्हें दिनभर उसी स्थिति में पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके साथ ही, विद्यालय में शौचालयों की स्थिति बेहद नारकीय और दयनीय हो चुकी है। शौचालयों के सेप्टिक टैंक और चेंबर पूरी तरह से लबालब भरे पड़े हैं और इनकी नियमित सफाई का कोई प्रबंध नहीं है। बुनियादी स्वच्छता का अभाव बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी स्थितियां बेहद चिंताजनक हैं। इतने विशाल विद्यालय परिसर में बच्चों की निगरानी के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं, जब इन ज्वलंत समस्याओं को लेकर अभिभावक विद्यालय की प्रधानाचार्य दीपा पाण्डेय से मिलने पहुँचे, तो आरोप है कि उन्होंने समस्याओं के समाधान पर वार्ता करने से साफ इंकार कर दिया। बातचीत के दौरान अड़ियल व नकारात्मक रवैया अपनाते हुए प्रधानाचार्य ने विरोध करने वाले अभिभावकों के बच्चों को विद्यालय से बाहर निकालने (TC काटने) की सीधी धमकी दे डाली। प्रधानाचार्य के इस कथित अमर्यादित व्यवहार से अभिभावकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन व शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है किपरिसर में तत्काल जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। शौचालयों व सेप्टिक टैंक की अविलंब सफाई कराई जाए। झाड़ियों की कटाई कराकर नियमित रूप से फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।छात्र सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वास्थ्य की रक्षा हेतु जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाने व आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सोनभद्र अनपरा विद्युत डीएवी में बदहाली से गहराया आक्रोश जलभराव, गंदे शौचालय और झाड़ियों से संक्रामक बीमारियों का खतरा
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