दुद्धी/सोनभद्र (21 जुलाई 2026)। जनपद सोनभद्र के दुद्धी थाना क्षेत्र में साइबर ठगों का एक नया और सनसनीखेज तरीका सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी कार्यकत्री की मिलीभगत या डेटा लीक के चलते एक ग्रामीण को 32 हजार से अधिक रुपये का चूना लग गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के संबंध में ग्राम नौडीहा निवासी नितेश कुमार शिवम पुत्र दिनेश कुमार ने दुद्धी कोतवाली पुलिस को लिखित प्रार्थना पत्र देकर आरोपी साइबर ठगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और कटी हुई राशि वापस कराने की गुहार लगाई है। पीड़ित नितेश कुमार शिवम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि घटना 17 जुलाई 2026 की शाम लगभग 04:06 बजे की है।
उनके मोबाइल पर ग्राम नौडीहा के पूर्वी टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत कार्यकत्री बीना देवी (पत्नी नन्दू प्रसाद) का फोन आया। बीना देवी ने कहा कि वह आंगनबाड़ी से बोल रही हैं। उन्होंने पीड़ित से कहा, आपकी पत्नी गर्भवती हैं और उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि के संबंध में जिले पर बैठे डॉक्टर साहब/अधिकारी से बात करनी होगी। इसके बाद बीना देवी ने अपने ही मोबाइल फोन से कॉन्फ्रेंस कॉल जोड़कर पीड़ित की बात एक अज्ञात व्यक्ति से कराई। कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को जिले का अधिकारी बताते हुए सरकारी योजना का पैसा खाते में भेजने के नाम पर पीड़ित की पत्नी का बैंक डिटेल मांगा। पीड़ित नितेश ने बताया कि जब उन्होंने साइबर ठग को बताया कि उनकी पत्नी के खाते में पर्याप्त पैसे नहीं हैं, तो जालसाज ने उनके पिता का बैंक विवरण हासिल कर लिया। इसके तुरंत बाद ही ठग ने पीड़ित के पिता के PhonePe (मोबाईल नंबर 9621231091) से 32,500 रुपये (बत्तीस हजार पांच सौ रुपये) की चपत लगा दी। अकाउंट से पैसे कटने का मैसेज आते ही पीड़ित तुरंत आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा और कार्यकत्री बीना देवी से शिकायत की। इस पर बीना देवी ने टालमटोल करते हुए कहा कि वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा रही हैं, जबकि पीड़ित का आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री की लापरवाही या मिलीभगत से ही उनका व्यक्तिगत डेटा लीक हुआ है। पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में उस मोबाइल नंबर 6206121782 का भी उल्लेख किया है, जिससे कॉन्फ्रेंस कॉल पर ठगी को अंजाम दिया गया था। दुद्धी कोतवाली पुलिस ने पीड़ित नितेश कुमार शिवम (मो-6393809701) की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से संबंधित नंबर और बैंक खातों को ट्रेस किया जा रहा है ताकि जालसाजों तक पहुंचा जा सके और पीड़ित के पिता के खाते से उड़े 32,500 रुपये वापस कराए जा सकें।
सोनभद्र आंगनबाड़ी कार्यकत्री के झांसे में आकर ग्रामीण हुआ साइबर ठगी का शिकार, फोन पे से उड़े 32,500 रुपये
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