सोनभद्र। अजीत प्रताप सिंह। जनपद सोनभद्र के बनबहुवार गांव में करीब 300 मीटर लंबी सड़क इन दिनों स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के लिए भारी मुसीबत का कारण बनी हुई है। हालिया बारिश के बाद सड़क पर भीषण जलभराव और कीचड़ फैल जाने से स्थिति बेहद बदहाल हो गई है। आलम यह है कि बनबहुवार और निपनिया गांव के बीच का सीधा संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। सड़क की इस दुर्दशा से क्षुब्ध ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए पानी और कीचड़ से लबालब सड़क पर ही धान की रोपाई कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। सड़क पर जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण यह मार्ग अब रास्ते से ज्यादा किसी पानी भरे खेत जैसा नजर आ रहा है, जिससे दोपहिया व पैदल चलने वालों का निकलना भी दुश्वार हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की खस्ताहाली का सबसे बुरा असर स्कूल जाने वाले बच्चों और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। बरसात के दिनों में बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर जाना पड़ता है, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। वहीं गांव में किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस या अन्य वाहन कीचड़ के कारण गांव के भीतर तक नहीं पहुंच पाते, जिससे मरीजों को अस्पताल ले जाना अत्यंत जोखिम भरा हो जाता है। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय ग्रामीण बुधीराम यादव का कहना है कि सड़क के निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक भूपेश चौबे और सांसद छोटेलाल खरवार को भी कई बार इस जनसमस्या से अवगत कराया गया, परंतु आश्वासन के सिवा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बुधीराम यादव (स्थानीय ग्रामीण) ने कहा कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वाहनों का चलना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर है। हमने जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में हमें सड़क पर धान रोपकर अपना विरोध दर्ज कराना पड़ा। प्रदर्शन में शामिल स्थानीय महिला कुमारी देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि हर चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क बनवाने के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। बरसात आते ही गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से कटने की नौबत आ जाती है। कुमारी देवी (स्थानीय ग्रामीण) ने कहा कि वोट मांगने के समय सब आते हैं और सड़क बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। हम बारिश में किस नरकीय स्थिति में जी रहे हैं, यह देखने वाला कोई नहीं है।
कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी गांव वालों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए सड़क का निर्माण या कम से कम डस्ट व गिट्टी डालकर तत्काल मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाए ताकि आवागमन बहाल हो सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण हेतु ठोस पहल नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे और व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सोनभद्र के बनबहुवार में 300 मीटर सड़क बनी ग्रामीणों की मुसीबत कीचड़ से बदहाल रास्ते पर धान रोपकर जताया अनोखा विरोध
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