सोनभद्र । अजीत प्रताप सिंह। जनपद सोनभद्र के विकास, प्रशासनिक सुचिता, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर पूर्व सांसद नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सोनभद्र से जुड़ी विभिन्न गंभीर जनसमस्याओं एवं मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को 6 प्रतियों में विस्तृत मांग पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने सोनभद्र से जुड़े इन अति-महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को अत्यंत गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया। पूर्व सांसद ने मेडिकल कॉलेज में चल रही गंभीर गड़बड़ियों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया। पत्र में आरोप लगाया गया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत धीरज श्रीवास्तव को महत्वपूर्ण वित्तीय एवं क्रय संबंधी प्रभार सौंपे गए हैं। शासन के आदेशों की अवहेलना, घटिया गुणवत्ता की दवाओं व उपकरणों की खरीद तथा टेंडर प्रक्रिया से बचने के लिए खरीद को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित करना। पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप मेडिकल कॉलेज के भविष्यगत विकास के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, जिससे शैक्षणिक भवनों, छात्र-छात्राओं के छात्रावास, अस्पताल अवसंरचना, खेल के मैदान तथा संकाय सदस्यों व उनके परिवारों के लिए ग्रीन एवं मनोरंजन क्षेत्र का विकास हो सके। अस्पताल परिसर में बने उन सरकारी आवासों को तत्काल खाली कराने की मांग की गई, जिन पर अन्य जनपदों में स्थानांतरित हो चुके लोग अवैध रूप से काबिज हैं, ताकि वर्तमान में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवास आवंटित किए जा सकें। मेडिकल कॉलेज परिसर को पूरी तरह सुरक्षित एवं क्लोज्ड कैंपस बनाने, अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने, निजी मेडिकल स्टोरों/लैबों के अनुचित प्रभाव को समाप्त करने तथा नियंत्रित प्रवेश-निकास व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई गई।
सोनभद्र के बिल्ली मारकुंडी, बरदिया, सिंदूरिया, टापू, जुगैल सहित विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी एवं मूल काश्तकारों के आजीविका व संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु खनन नीति में बड़े बदलाव की मांग की गई है। निजी काश्तकारी भूमि पर ई-निविदा प्रक्रिया के बजाय मूल भूमिधरों (काश्तकारों) को प्राथमिकता दी जाए। पत्थर, बालू एवं मोरम के खनन हेतु निर्धारित रॉयल्टी का दोगुना भुगतान लेकर सीधे काश्तकारों को 10 वर्षों का खनन पट्टा जारी किया जाए। वर्ष 2019 के शासनादेश में आवश्यक संशोधन कर अनुसूचित जनजाति एवं स्थानीय काश्तकारों को खनिज संसाधनों का प्रत्यक्ष लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
पूर्व सांसद नरेंद्र सिंह कुशवाहा द्वारा उठाए गए इन संवेदनशील मुद्दों पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए त्वरित कार्रवाई के आश्वासन से जनपदवासियों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और स्थानीय काश्तकारों के अधिकारों की रक्षा की नई उम्मीद जगी है।
सोनभद्र जनहित के मुद्दों को लेकर पूर्व सांसद नरेंद्र कुशवाहा ने सीएम से की मुलाकात, सौंपे 6 सूत्रीय मांग पत्र
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