सोनभद्र । । जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों और शोभायात्राओं के दौरान भगवान के स्वरूपों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर सनातन प्रेमियों, प्रबुद्ध वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों में गहरा असंतोष व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि झांकियों के नाम पर भगवान का रूप धरकर कलाकारों द्वारा अश्लील गानों पर नृत्य कराया जा रहा है, जो हिंदू सनातन धर्म की आस्था पर सीधा कुठाराघात है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों का कहना है कि भगवान शिव, श्री राम, श्री कृष्ण या राधा का रूप धारण करने वाले कलाकार एक स्थान पर विराजमान होकर पूजे जाने के योग्य होते हैं। परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं को उनका पूजन-अर्चन करना चाहिए, आरती उतारनी चाहिए, अगरबत्ती दिखानी चाहिए, पुष्प वर्षा करनी चाहिए और टीका लगाकर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।इसके विपरीत, वर्तमान में झांकियों के दौरान भगवान का स्वांग रचकर फिल्मी और अश्लील गानों पर ठुमके लगवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, रूप धारण किए कलाकार स्वयं हाथों से पैसे मांगते और स्वीकार करते नजर आते हैं, जिससे धार्मिक आस्था केवल पैसे कमाने का जरिया बनकर रह गई है। मामले पर दुख व्यक्त करते हुए समाजसेवियों ने सवाल उठाया कि किसी भी अन्य धर्म चाहे ईसाई धर्म हो या इस्लाम में अपने आराध्य या धर्मगुरुओं का ऐसा रूप बनाकर सड़कों पर प्रदर्शन या ठुमके नहीं लगाए जाते। आखिर हिंदू सनातन धर्म की मर्यादा के साथ ही ऐसा खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है। प्रबुद्ध वर्ग और विभिन्न धार्मिक प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों और शोभायात्राओं में भगवान के रूप में इस तरह के अमर्यादित प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। समाजसेविक ने इस विषय पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं और मर्यादा का पालन हर हाल में होना चाहिए। समाजसेवी ने सभी झांकी आयोजकों और कलाकारों से अपील की है। झांकी का आयोजन अवश्य करें, लेकिन भगवान का रूप धारण करके नाचना-गाना और पैसे स्वीकार करना पूरी तरह बंद किया जाए। भगवान का रूप धारण करने वाले कलाकारों को मंच या रथ पर एक सम्मानजनक स्थान पर बैठाया जाए, ताकि लोग उनका दर्शन कर सकें, पुष्प वर्षा कर सकें और आशीर्वाद ले सकें।स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि झांकियों में भगवान के स्वरूपों का इस प्रकार अनादर बंद नहीं हुआ, तो इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर जनांदोलन और आवाज उठाई जाएगी।
सोनभद्र झांकियों के नाम पर सनातन धर्म की मर्यादा से खिलवाड़, अश्लील गानों पर भगवान के स्वरूपों के नृत्य से समाजसेवियों में भारी रोष
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