अनपरा, सोनभद्र | 12 मई, 2026 जनपद के अनपरा क्षेत्र में फर्जी कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि एक जालसाज ने अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प ली है। ताजा मामले में, पैसा वापस मांगने पर एक दलित युवक को जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी दी जा रही है, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित परिवार दहशत में है।भरत नगर (वार्ड नं. 11) निवासी दीप नारायण बैसवार ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व बल्लभ नगर (वार्ड नंबर 8) निवासी देवी प्रसाद शुक्ला ने उन्हें एक कंपनी का झांसा देकर और अपनी बातों में फंसाकर 5 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोपी ने वादा किया था कि वह 6 महीने के भीतर पैसा लौटा देगा। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। पीड़ित दीप नारायण ने न्याय की उम्मीद में 23 दिसंबर 2025 को अनपरा थाने में लिखित शिकायत की थी। उस समय के तत्कालीन इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया था, जिसके तहत आरोपी को 25 जनवरी 2026 तक पूरी रकम वापस करनी थी। लेकिन समझौते की अवधि बीतने के चार महीने बाद भी पैसा वापस नहीं मिला। दीप नारायण का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी देवी प्रसाद शुक्ला अपनी असलियत पर उतर आया। पीड़ित के अनुसार:
आरोपी द्वारा जातिसूचक गालियां दी जा रही हैं।
पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है और पैसा भूल जाने को कहा जा रहा है।
02 मई को दोबारा थाने में शिकायत पत्र देने के बावजूद पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बजाय पीड़ित को टहला रही है। सूत्रों और स्थानीय जानकारी के अनुसार, देवी प्रसाद शुक्ला ने केवल दीप नारायण ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के 100 से अधिक लोगों को अपनी फर्जी कंपनी के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये का गोलमाल किया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ कुछ जागरूक युवाओं ने मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर भी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके। आरोपी की दबंगई और पुलिस की शिथिलता के कारण पीड़ित दलित युवक का पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी डूबी हुई रकम वापस दिलाई जाए। सरकारी दावों के विपरीत, धरातल पर पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी करना गंभीर सवाल खड़े करता है। करोड़ों की ठगी के इस मामले में यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कई और गरीब परिवार सड़क पर आ सकते हैं।
सोनभद्र फर्जी कम्पनी बनाकर करोड़ों की ठगी, न्याय के लिए भटक रहा दलित परिवार अनपरा पुलिस पर मुकदमा न दर्ज करने का आरोप
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