ओबरा/सोनभद्र ब्यूरो
टाइम्स )। जनपद सोनभद्र की तहसील ओबरा अंतर्गत ग्राम बिल्ली, मारकंडी (सिकटहना) के ग्रामीणों ने वर्षों पुराने सार्वजनिक आवागमन मार्ग पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। समस्त ग्रामवासियों ने उप जिलाधिकारी (SDM) ओबरा को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर आम रास्ते से अवैध अतिक्रमण हटाए जाने और आवागमन सुचारु कराने की मांग की है। उप जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने अवगत कराया कि ग्राम बिल्ली-मारकंडी के बाड़ी डाला स्थित सिकटहना टोला (प्राथमिक पाठशाला के पश्चिम) में लगभग 500 की आबादी निवास करती है। प्राथमिक विद्यालय के पीछे से होकर गुजरने वाला यह सार्वजनिक रास्ता पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के आवागमन का मुख्य साधन रहा है। आरोप है कि गांव के ही कुछ व्यक्तियों (अशोक कुमार पुत्र संसारी लाल सुभाष आदि) द्वारा उक्त सार्वजनिक रास्ते को अपनी निजी भूमि बताकर जबरन झाड़-झंखाड़ व अवरोध खड़े कर पूरी तरह बंद कर दिया गया है। रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाने के कारण गांव में आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग संकरा और बाधित होने के कारण आपातकालीन एम्बुलेंस (108) गांव तक नहीं पहुँच पा रही है। हाल ही में प्रसव (डिलीवरी) संबंधी आकस्मिक मामलों में गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस तक पहुँचाने में परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सही समय पर स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से मरीजों की जान पर बन आती है। ग्रामीणों ने एसडीएम ओबरा का ध्यान इस गंभीर जनसमस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि राजस्व टीम को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। सार्वजनिक मार्ग को अवैध कब्जे से मुक्त कराते हुए ग्रामीणों के लिए आवागमन तत्काल बहाल कराया जाए और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस दौरान प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में ग्राम बिल्ली-मारकंडी के समस्त प्रार्थीगण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सोनभद्र बिल्ली-मारकंडी के सिकटहना टोला में सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा ग्रामीणों ने एसडीएम ओबरा को सौंपा प्रार्थना पत्र
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