चोपन/सोनभद्र । चोपन गांव स्थित प्राचीन मेड़र माता मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय विश्व शांति महायज्ञ एवं श्रीराम कथा महोत्सव का सोमवार को भव्य, दिव्य और श्रद्धामय वातावरण में समापन हो गया। विश्व शांति, मानव कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित इस महायज्ञ में पूरे सप्ताह चोपन क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों व शहरों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। अंतिम दिन हवन-पूजन, पूर्णाहुति, संत-महात्माओं के आशीर्वचन और विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मेड़र माता मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा। समापन अवसर पर गांव व शहर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से यज्ञ पूजन किया और हवन कुंड में नारियल आहुति देकर अपनी-अपनी मन्नत व मनोकामनाओं की अर्जी लगाई। यज्ञशाला में आचार्य एवं वैदिक ब्राह्मणों द्वारा उच्चारित मंत्रों के बीच श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। यज्ञ की पूर्णाहुति के समय पूरा क्षेत्र जय श्रीराम, हर-हर महादेव तथा सनातन धर्म के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। आयोजन के मुख्य संरक्षक एवं धर्माचार्य शिवकुमार पहाड़ी बाबा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पूरे विश्व को शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरण की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा यज्ञ और धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का कार्य करते हैं। हमारी सनातन संस्कृति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता, सेवा, करुणा और लोककल्याण का दिव्य संदेश देती है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पूज्य संत-महात्माओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि यज्ञ, कथा और सत्संग भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों का विकास होता है तथा युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। सात दिनों तक चले श्रीराम कथा महोत्सव के दौरान कथावाचक द्वारा भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, धर्मपालन और लोककल्याण के संदेशों का संगीतमय वर्णन किया गया। कथा के दौरान राम-सीता विवाह, वनगमन और भक्तों के प्रति प्रभु की करुणा के प्रसंगों को सुनकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। पूर्णाहुति के उपरांत आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर सेवा कार्य में जुटे युवाओं, स्वयंसेवकों और समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और धार्मिक गरिमा का पालन किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सुनील सिंह द्वारा किया गया। इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से संरक्षक राजा मिश्रा, नागेश्वर प्रसाद गोंड़, श्यामा चरण गिरी, संतोष साहनी, राजकुमार टपू, अजय साहनी, संदीप चौरसिया, राजेन्द्र जी, राजकुमार निषाद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं व संत-महात्माओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
सोनभद्र हवन, कथा और भंडारे के साथ संपन्न हुआ विश्व शांति महायज्ञ महोत्सव, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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