वाराणसी। एक व्यक्ति घर में घुसकर मारपीट कर लूटपाट करने और उसके बाद फिरौती के लिए अपहरण कर उठा ले जाने के मामले अदालत ने सात नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) जयति की अदालत ने यह आदेश वादी मुकदमा शरद कुमार सिंह की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद सारनाथ थाना प्रभारी को दिया।
प्रकरण के अनुसार खालिसपुर, सारनाथ निवासी शरद कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता महेंद्र कुमार सिंह, धनंजय यादव व सतीश यादव के जरिए अदालत में बीएनएसएस की धारा 175(3) के जरिए दिया था। आरोप था कि 10 अगस्त 2024 को पड़ोस में ही रहने वाले सूरज सिंह, धीरज सिंह, सुमन सिंह व सतीश सिंह पुरानी रंजिश को लेकर उसके घर में घुस आए। इस दौरान उनलोगों ने उसे व उसके पिता को तमंचे से आतंकित कर मारने पीटने लगे। साथ ही घर की आलमारी में रखा उसकी मां का लगभग 6 लाख रुपए मूल्य के सोने के जेवरात और एक लाख रुपए नगद लूट लिया। इसके बाद वह लोग जबरदस्ती वादी को फिरौती के लिए घर से उठाकर अपनी गाड़ी में बिठा लिया और अपहरण कर गाजीपुर रोड पर लेकर जाने लगे। इस दौरान उनके साथ गाड़ी में पहले से फुलतारा देवी, राजेश्वर सिंह,रंजीत कुशवाहा के साथ 3-4 अज्ञात लोग मौजूद रहे। जब उसने जान बचाने के लिए चिल्लाने की कोशिश की तो वे लोग उसके मुंह में तमंचा डालकर जान से मारने की धमकी देते हुए उसे मारने पीटने लगे। इस बीच उसके पिता ने सारनाथ पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल करने के बाद आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान कर उनके मोबाइल पर फोन किया तो वह लोग घबरा गए और दिलदार नगर नगर के पास उसे छोड़कर भागने लगे, तभी दिलदार नगर की पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और सारनाथ थाने को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे सारनाथ थाने के दरोगा शैलेंद्र कुमार वहां पहुंचकर सभी को थाने ले आए। बाद में उसे अगले दिन सुबह रिपोर्ट लिखवाने के लिए थाने आने को कहकर घर भेज दिया। अगले दिन जब वह थाने पहुंचा तो सारनाथ पुलिस आरोपियों के प्रभाव में होकर उसका मुकदमा नहीं लिखी और आरोपियों का मामूली धाराओं में चालान कर छोड़ दिया। जिसके बाद वादी ने अदालत की शरण ली।
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