वाराणसी: पूर्व निर्धारित आंगनबाड़ी अधिकार संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के आवाहन पर उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन शाखा वाराणसी के बैनर तले जनपद की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाओं ने अपने हक अधिकार एवं मांगों के समर्थन में बाबूलाल मौर्य जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्षता में अधिकार सभा धरना प्रदर्शन किया एवं संचालन गीता सिंह जिलामंत्री ने किया।
धरने को सम्बोधित करते हुए आंगनबाड़ी पदाधिकारी वक्ताओं ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकार आंगनबाड़ी केन्द्र के 06 सेवाओं में से एक सेवा ई०सी०सी०ई० शिक्षा प्रदान करने हेतु को-लोकेटेड केन्द्रो पर एजुकेटर की भर्ती कर रही है जिसको प्रतिमाह मानेदय रू0.10313- के साथ पी०एफ० एवं ई०एस०आई० की सुविधा भी दे रही है। लेकिन उसी केन्द्र पर ई०सी०सी०ई० शिक्षा से प्रशिक्षित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा प्री स्कूल की शिक्षा दिया जा है जिनकी सेवा 15 वर्ष से लेकर 35 वर्ष देने के बाद भी मानदेय के नाम पर देश और प्रदेश की सरकार मिलाकर प्रतिमाह रू0.6000- मानदेय दिया जा रहा है जबकि कार्यकत्रियों द्वारा उक्त शिक्षण कार्य के अतिरिक्त अन्य कई विभागीय सेवाओं के साथ गैर विभागों द्वारा सौंपे गये कार्य भी किया जाता है ऐसी स्थिति में कम मानदेय दिया जाना कार्यकत्रियों के साथ अन्याय धोखा एवं मिशन शक्ति के साथ नाइंसाफी है।
धरने को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती अंजनी मौर्या अध्यक्ष उत्तर प्रदेश एवं लीला सिंह महामंत्री उत्तर प्रदेश ने बताया एक श्रमिक की आय रू0.400- प्रतिदिन मानी जाती है वहीं सभी सरकारी कार्यों को सकुशल करने के बाद भी हम आंगनबाड़ी बहनों का मानदेय एक मजदूर के मजदूरी के बराबर भी अच्छे दिन वाले सरकार में भी नहीं पहुँचा। ऐसे में इस कमर तोड़ महंगाई में अपनी व्यवस्थायें परिवार कैसे चला पायेगें और सरकार हमसे रोज अतिरिक्त कार्य भी लेती है जिसका कोई भी भुगतान नहीं होता किसी भी समय कहीं भी बुलाकर कोल्हू के बैल की तरह लगा दिया जाता है जिसका संगठन पूरजोर विरोध एवं निन्दा करता है। आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ाने के लिए सरकार के पास बजट पैसा नहीं है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाओं ने बाबूलाल मौर्य के नेतृत्व में शास्त्री घाट पर दिया धरना
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