सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर अमृत सरोवर घाट पर आयोजित हुआ भव्य दीपोत्सव
चेयरमैन चांदनी देवी, EO आशुतोष त्रिपाठी व चेयरमैन प्रतिनिधि श्रवण पासवान ने दीप प्रज्वलित कर पीएम मोदी की दीर्घायु की जताई कामना
दीपों की स्वर्णिम रोशनी से अलौकिक हुआ सरोवर जनभागीदारी से दिया गया स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण व जनसेवा का संदेश
वॉइस इंडिया न्यूज संवाददाता रीना राय
ओबरा/सोनभद्र
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर जनपद भर में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत नगर पंचायत ओबरा द्वारा वार्ड संख्या 18 (महाराणा प्रताप नगर) स्थित अमृत सरोवर घाट पर एक भव्य, अलौकिक एवं आध्यात्मिक दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संध्या ढलते ही जैसे ही सैकड़ों दीप एक साथ प्रज्वलित किए गए, पूरा अमृत सरोवर परिसर दीपों की स्वर्णिम एवं मनमोहक रोशनी से जगमगा उठा। सरोवर के जल में छनकर आती दीपमालाओं की परछाईं ने वातावरण को अत्यंत आकर्षक और देवतुल्य स्वरूप प्रदान किया। दीपोत्सव कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ नगर पंचायत ओबरा की अध्यक्ष चांदनी देवी, अधिशासी अधिकारी (EO) आशुतोष त्रिपाठी तथा चेयरमैन प्रतिनिधि श्रवण पासवान द्वारा संयुक्त रूप से मुख्य दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत के समस्त वार्डों के सभासदगण, निकाय कर्मचारी एवं भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। स्थानीय निवासियों ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ घाट की सीढ़ियों पर कतारबद्ध तरीके से दीप जलाकर दीपोत्सव में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। सरोवर तट पर एकत्र जनसमूह एवं जन प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलन के पश्चात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन, यशस्वी नेतृत्व एवं दीर्घायु होने की सामूहिक कामना की। अमृत सरोवर के चारों ओर सजे दीपों की जगमगाती कतारें देर रात तक क्षेत्रवासियों एवं राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। बच्चों, महिलाओं व युवाओं ने इस अलौकिक दृश्य का आनंद उठाया। सेवा संकल्प अभियान के मूल ध्येय के अनुरूप इस दीपोत्सव के माध्यम से नगरवासियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन एवं सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
नगर पंचायत ओबरा के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता की सामूहिक सहभागिता से आयोजित यह शाम सेवा, समर्पण, संकल्प और जनभागीदारी की अनूठी मिसाल बनकर उभरी।

