सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम लहरतारा धाम वाराणसी और आचार्यगद्दी श्री कबीर धर्म स्थान खरसिआ के पीठाधीश्वर आचार्य पंथश्री हजूर अर्धनाम साहेब चार देश की धार्मिक यात्रा पर प्रस्थान किये इस ऐतिहासिक यात्रा में कनाडा , वेस्टइंडीज , अमेरिका और इंग्लैंड देशों का सद्गुरु कबीर साहेब के वाणी- वचनों , ज्ञान , आदर्श , सिद्धान्त , भक्ति , सत्य , अहिंसा , मानवता , भाईचारा का सन्देश लेकर तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत को पश्चिमी देशों में लेकर जा रहे हैं। आज पुरे विश्व को सद्गुरु कबीर साहेब के सिद्धांत और मार्ग की आवश्यकता है। इसी सन्देश को लेकर तथा भारत भूमि की सांस्कृतिक धरोहर और काशी की धार्मिक एवं काशी की पहचान सद्गुरु कबीर साहेब की अमिट कृति को जन -जन तक पहुंचाने के लिए काशी की पवित्र पावन धरती से आज प्रस्थान किये। इस ऐतिहासिक यात्रा में कनाडा के टोरंटो में सद्गुरु कबीर साहेब के मठ एवं आश्रम का उद्घाटन के कार्यक्रम से शुरू होगा तथा कबीरपंथ प्रचार -प्रसार हेतु योग्य संत को महंती पद भी प्रदान किया जायेगा। त्रिनिदाद एंड टोबैगो वेस्टइंडीज में 3 सप्ताह का कार्यक्रम होगा जिसमे विभिन्न स्थानों पर सत्संग एवं कबीरपंथ के अनुसार चौका आरती गुरु पूजा तथा पंथ के प्रचार-प्रसार हेतु महंती -पद भी दिया जायेगा जिससे कबीर साहेब के साहित्य ज्ञान भक्ति की धारा पश्चिमी सभ्यता पर भी प्रभाव डाल सके। उसके उपरांत अमेरिका की यात्रा प्रारंभ होगी जिसमे अमेरिका के हूस्टन , कैलिफ़ोर्निया , न्यू जेर्सी , अटाला , न्यूयोर्क , लॉस एंजिल्स, वाशिंगटन डीसी,मियामी,सैन फ्रांसिस्को, टेक्सास , फ्लोरिडा आदि प्रमुख राज्यों एवं शहरों में जाकर सद्गुरु कबीर साहेब की भक्ति व ज्ञान की अमृत धारा को प्रवाहित करने का प्रमुख कार्य तथा सत्संग के माध्यम से वहां के लोगों में आध्यात्मिक मार्ग का प्रचार होगा। उसके बाद यात्रा के अंतिम पड़ाव इंग्लैंड में भी लंदन , लीसेस्टर , ग्लासगो, शेफ़ील्ड, ब्रैडफ़ोर्ड, एडिनबर्ग, लिवरपूल, मैनचेस्टर, ब्रिस्टल, वेकफ़ील्ड, कार्डिफ़ स्थानों में कबीरपंथी अनुयायिओं के बीच सद्गुरु कबीर साहेब के सत्य , अहिंसा , प्रेम , भाईचारा , ज्ञान , भक्ति तथा उनकी महिमा एवं महत्ता को पश्चमी सभ्यता के मध्य सांमजस्य बैठने तथा सद्गुरु कबीर साहेब की दुनिया के जो सन्देश दिए उसे समझाने का महत्वपूर्ण कार्य करेगें। इस तरह कशी की अलौकिक भूमि तथा धार्मिक सहिष्णुता को पूरी दुनिया में फ़ैलाने का दुर्लभ कार्य होगा। इस शुभ अवसर पर आश्रम के सभी संत महात्मा भक्त हंस जन तथा क्षेत्रीय लोग उन्हें विदाई एवं कुशल वापस लौटने की शुभकामना के साथ रवाना किये
कबीरपंथाचार्य पंथ श्री हजूर अर्धनाम साहेब चार देश की यात्रा पर हुए रवाना
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