गाजियाबाद/सोनभद्र, 26 जून 2026
गाजियाबाद के इंदिरापुरम (ज्ञान खंड-1) स्थित आदर्श पार्क में स्थानीय योग शिक्षक भाई सतीश जी के नेतृत्व में अनवरत रूप से भाई-बहनों के लिए निःशुल्क योग कक्षा का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहे भारत स्वाभिमान (सोनभद्र) के जिला प्रभारी वीरेंद्र योगी को इस योग कक्षा में सम्मिलित होने और साधकों को योग व प्राणायाम का अभ्यास कराने का विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ। योग सत्र के दौरान वीरेंद्र योगी ने उपस्थित साधकों को योग, आसन, प्राणायाम और ध्यान का गहन अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि शरीर के भीतर स्थित ऊर्जा केंद्रों—मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, अनाहत चक्र, विशुद्धि चक्र, आज्ञा चक्र, मनस चक्र और सहस्रार चक्र को जाग्रत करने के लिए ओम् (ॐ) के बीज मंत्र के साथ प्राणायाम करने से साधकों को अभूतपूर्व और विशेष लाभ प्राप्त होता है। प्राणायाम योग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो हमारी श्वास-प्रश्वास की प्रक्रिया पर केंद्रित होता है। सांस लेने के सही अभ्यास के माध्यम से हम अपनी जीवन ऊर्जा को नियंत्रित और संतुलित कर सकते हैं। योग की इन क्रियाओं से हमारी सुप्त चेतना शक्ति का विकास होता है, मृत तंतुओं का पुनर्जागरण होता है तथा शरीर में नए सेल्स (कोशिकाओं) का निर्माण होता है। फैटी लिवर और पथरी के लिए विशेष प्राणायाम व औषधीय परामर्श
शिविर में आम लोगों को प्रभावित करने वाली समस्याओं जैसे फैटी लिवर और पथरी (स्टोन) के निवारण के लिए विशेष प्राणायाम एवं पतंजलि आयुर्वेद की औषधियों की जानकारी दी गई। योग कक्षा में उपस्थित बहन पूनम और बहन सुनीता की जिज्ञासा पर उन्हें परामर्श दिया गया कि पथरी की समस्या में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की औषधियां अश्महरि रस और अश्महरि क्वाथ का सेवन सुबह-शाम खाली पेट करना चाहिए। इसके साथ ही प्रतिदिन 30 मिनट तक कपालभाति और अनुलोम-विलोम प्राणायाम करना अनिवार्य है। भाई मनोज जी को फैटी लिवर की समस्या से मुक्ति के लिए पतंजलि की सर्वकल्प क्वाथ और लीवोग्रिट का खाली पेट सेवन करने की सलाह दी गई। इसके साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम और ध्यान को दैनिक जीवन में शामिल करना आवश्यक बताया गया। योग गुरु वीरेंद्र योगी ने जोर देकर कहा कि हमारा वास्तविक जीवन आधार योग और आयुर्वेद ही है। परम पूज्य श्रद्धेय स्वामी रामदेव जी महाराज द्वारा बताए गए योग अभ्यास मनुष्य के पूरे जीवन को रूपांतरित करने की क्षमता रखते हैं। इस सफल योग कक्षा के सुचारू संचालन के लिए वीरेंद्र योगी ने स्थानीय योग शिक्षक भाई सतीश जी और भाई विमलेश जी के प्रति विशेष कृतज्ञता प्रकट की। इस अवसर पर योग सत्र में मुख्य रूप से सुमन, नीलम, संगीता, रेखा जोशी, विनीता, सुनीता दीदी, रेशमा, पूनम, किरण, पुष्पा देवी सहित भारी संख्या में स्थानीय माताएं, बहनें और भाई उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर वीरेंद्र योगी जी ने गाजियाबाद के पतंजलि प्रभारी सतपाल सिंह जी और भारत स्वाभिमान के राकेश यादव जी सहित सभी योग शिक्षकों व बहनों का हृदय से आभार, नमन और वंदन किया।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में निःशुल्क योग कक्षा का आयोजन योग से जाग्रत होती है सुप्त चेतना शक्ति योग गुरु वीरेंद्र योगी
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