हापुड़ (मनीष कुमार) जिलाधिकारी कविता मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिले में 0-6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण स्तर की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी के द्वारा पोषण ट्रैकर पर डेटा फीडिंग की स्थिति देखी गई। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्म पका भोजन, टीएचआर वितरण, वजन/ऊंचाई मापन एवं सामुदायिक कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई। चिन्हित अति कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों के उपचार एवं फॉलोअप की स्थिति को सामान्य करने के निर्देश दिए गए। पोषण पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली पर बल दिया जाए। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम विकास एवं महिला कल्याण विभाग के साथ पोषण अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा चिन्हित कुपोषित बच्चों के घरों में साप्ताहिक भ्रमण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पका भोजन एवं टीएचआर की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। “पोषण भी पढ़ाई भी” अभियान के तहत सामुदायिक सहभागिता बढ़ाई जाए। स्कूलों में पोषण वाटिका एवं पोषण मित्रों की भूमिका को सक्रिय किया जाए। सभी विभाग पोषण ट्रैकर पर साप्ताहिक डेटा अपडेट करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण मुक्त हापुड़ बनाना हमारी प्राथमिकता है। सभी विभाग टीम भावना से कार्य करें ताकि जिले के प्रत्येक बच्चे को समुचित पोषण मिल सके
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