सोनभद्र । खरीफ सीजन में किसानों को खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सोनभद्र जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। जनपद में डीएपी और यूरिया वितरण को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर बुधवार को जनपद स्तरीय अधिकारियों, अपर जिलाधिकारी (ADM) और उपजिलाधिकारियों (SDM) द्वारा सहकारी समितियों का सघन व औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 सहकारी समितियों के सचिवों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।प्रशासनिक अधिकारियों की टीमों ने जब विभिन्न ब्लॉकों की समितियों पर औचक दस्तक दी, तो कई जगहों पर घोर लापरवाही और मनमानी उजागर हुई। इस समिति पर निरीक्षण के दौरान डीएपी और यूरिया के वितरण में भारी अनियमितता पाई गई, जिसके बाद यहां के सचिव के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई।निरीक्षण टीम को अरौली बी0 पैक्स, म्योरपुर बी0 पैक्स, चोपन बी0 पैक्स और कुरहर बी0 पैक्स समेत कुल पांच अन्य सहकारी समितियां पूरी तरह बंद मिलीं। इन बंद समितियों के कारण स्थानीय किसानों को डीएपी उर्वरक का वितरण नहीं हो पा रहा था और वे परेशान घूम रहे थे।
इस घोर लापरवाही और उदासीनता को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित छह समितियों के सचिवों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का कड़ा निर्देश जारी किया है। निरीक्षण अभियान के दौरान जनपद की कई अन्य समितियों पर सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से किसानों को खाद वितरित होते हुए भी पाया गया, जिसे लेकर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों को डीएपी और यूरिया का वितरण पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और निर्धारित सरकारी व्यवस्था (खतौनी व मानक) के अनुसार ही कराया जाए। उर्वरक वितरण के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता, अनियमितता, ओवररेटिंग अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार सीधे कठोर दंडात्मक व वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसानों को खरीफ की बुवाई और रोपाई के समय किसी भी प्रकार की किल्लत या परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों की सहकारी समितियों का भौतिक सत्यापन व निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि किसानों को बिना किसी असुविधा के समयबद्ध ढंग से खाद की बोरी मिलनी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण लापरवाही पर 6 सचिवों का वेतन रोका
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