ओबरा, सोनभद्र। नगर पंचायत ओबरा में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में जांच की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश केशरी ने जिलाधिकारी सोनभद्र को प्रार्थना पत्र देकर प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए जनपद स्तरीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित किए जाने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन द्वारा 15 मई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से नगर पंचायत ओबरा के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच कर आख्या शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। शासनादेश जारी हुए 20 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच की प्रगति एवं स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मामला करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन के उपयोग, नगर पंचायत की परिसंपत्तियों, विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों तथा न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में मांग की गई है कि अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, कोषाधिकारी एवं अन्य सक्षम अधिकारियों को शामिल करते हुए जनपद स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। साथ ही जांच पूर्ण होने तक नगर पंचायत ओबरा द्वारा नई निविदाएं जारी करने, नई परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रमों पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।प्रार्थना पत्र में यह भी मांग की गई है कि नगर पंचायत द्वारा निर्मित मैरेज हाल एवं नव निर्मित नगर पंचायत कार्यालय भवन का लोकार्पण भी जांच पूरी होने तक स्थगित रखा जाए, ताकि किसी प्रकार के विवाद अथवा साक्ष्यों पर प्रभाव पड़ने की संभावना न रहे।शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से समयबद्ध जांच कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित करने तथा जनहित एवं पारदर्शिता के दृष्टिगत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।राकेश केशरी ने कहा कि जनपदवासियों को जिलाधिकारी की निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्यशैली पर पूर्ण विश्वास है और उम्मीद है कि मामले में आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत ओबरा में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग तेज, जिलाधिकारी से जनपद स्तरीय समिति गठित करने का अनुरोध
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